यूपी एसटीएफ और पुलिस की टीमों ने की छापेमारी
- फोटो : Amar ujala
बुधवार को चंदौसी के पास दो सिपाहियों की हत्या कर पुलिस कस्टडी से भागे तीन बंदियों की तलाश में यूपी एसटीएफ और पुलिस की टीमों ने गुरुवार को पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में हरिद्वार समेत कई स्थानों पर छापामारी की है। मंडल में भी कई स्थानों पर छापामारी करके पुलिस ने ऐसे लोगों को उठाया है जिन पर फरार बंदियों के संपर्क में होने का शक है।
चंदौसी पहुंची यूपी एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने इस बीच कहा है कि सिपाहियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, फरार बंदियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा। इससे पहले गुरुवार को नम आंखों के साथ दोनों शहीद सिपाहियों का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मुरादाबाद जिला कारागार से चंदौसी स्थित एडीजे कोर्ट में पेशी पर ले जाए गए तीन विचाराधीन बंदी शकील, कमल और धर्मपाल ने पेशी से लौटते समय दो सिपाहियों हरेंद्र और ब्रजपाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय तीनों बंदियों को 21 अन्य बंदियों के साथ पुलिस की बंदी वैन से मुरादाबाद जिला जेल लाया जा रहा था।
वैन में पीछे बैठे दोनों सिपाहियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंकने के बाद बंदियों ने अपने पास पहले से मौजूद हथियारों से पुलिस पर गोलियां बरसाई थीं। इसके बाद एक सिपाही की रायफल लूटकर फरार हो गए थे।
इस मामले में एसटीएफ और पुलिस ने गुरुवार को यूपी के विभिन्न शहरों के साथ ही पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में कई स्थानों पर छापामारी की है। चंदौसी पहुंचे एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश का कहना है कि अभी तक फरार बंदियों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। लेकिन जल्द उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे दिया जाएगा।
इससे पहले शहीद सिपाहियों को एडीजी अविनाश चंद्र, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश, आईजी रमित शर्मा समेत तमाम आला अफसरों ने सलामी दी। मुरादाबाद में दोनों सिपाहियों का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शासन ने फरार बंदियों पर ढाई - ढाई लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया है।