पायलटों की ट्रेनिंग के काम आ सकता है मुरादाबाद एयरपोर्ट
एएआई के अधिकारियों का कहना है कि अब मुरादाबाद एयरपोर्ट पायलटों के प्रशिक्षण के काम आ सकता है। यहां फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू करने के लिए डीजीसीए से अनुमोदित संस्थानों के साथ मंथन चल रहा है। संभव है कि अगले साल से यहां फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू हो जाए।
अधिकारियों ने बताया कि भारत में डीजीसीए द्वारा अनुमोदित 30 से अधिक उड़ान प्रशिक्षण संगठन हैं जो कमर्शियल पायलट लाइसेंस पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं । प्रमुख संस्थानों में उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वामित्व वाली इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, मध्य प्रदेश में चाइम्स एविएशन अकादमी और कर्नाटक में ओरिएंट फ्लाइट्स एविएशन अकादमी शामिल हैं।
400 एकड़ जमीन पर विस्तार की तैयारी
जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट विस्तार के लिए 400 एकड़ अतिरिक्त जमीन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कई किसानों ने जमीन देने पर सहमति भी जता दी है। रनवे विस्तार के बाद यहां बड़े विमानों के संचालन की योजना बनाई जा रही है।
भविष्य में स्काईहॉप जैसी कंपनियों के जरिये बड़े विमानों की सेवा शुरू करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि जब तक रनवे का विस्तार नहीं होता, तब तक एयरपोर्ट को फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के रूप में उपयोग करने की तैयारी की जा रही है।
मुरादाबाद एयरपोर्ट पर फ्लाई बिग कंपनी की सेवाएं बंद हो चुकी हैं। फिलहाल 19 सीटर विमान संचालन के लिए किसी अन्य कंपनी के आने की जानकारी नहीं है। भविष्य की योजनाओं पर काम चल रहा है, अभी ज्यादा कुछ कहना संभव नहीं है। - आशीष पाल, एयरपोर्ट डायरेक्टर