इस साल के अंत तक जनपद के अलग-अलग थानों में तीन तलाक के तहत 126 मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2021 में इस कानून के तहत 277 महिलाएं थानों तक पहुंचीं और उन्होंने केस दर्ज कराए। 2022 में 300 से ज्यादा महिलाएं सामने आईं और उन्होंने थाने, चौकी और अफसरों के दफ्तरों में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
तलाक तलाक तलाक... सुनने और पढ़ने में यह महज तीन शब्द हैं लेकिन किसी मुस्लिम महिला की पूरी जिंदगी तबाह करने के लिए काफी हैं। छोटे-मोटे विवाद और मामूली कहासुनी में तलाक की शिकार हुईं महिलाएं कानून बनने के बाद अब इंसाफ के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ रही हैं।
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लोगों के ताने और धमकियों से भी 872 महिलाओं के कदम नहीं डिगे। वह मजबूती के साथ कोर्ट में मुकदमों की पैरवी कर गुनहगारों को सजा दिलाना चाहती हैं। एक अगस्त 2019 को तीन तलाक कानून लागू किया गया। पहले साल इस कानून के मुरादाबाद में मात्र छह केस ही दर्ज किए गए।
धीरे-धीरे महिलाओं ने साहस जुटाया और वह इस कानून को हथियार बनाकर अपने हक के लिए लड़ने को खड़ी होने लगीं। साल 2020 में जनपद में मुकदमों की संख्या तेजी से बढ़ी।
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इस साल के अंत तक जनपद के अलग-अलग थानों में तीन तलाक के तहत 126 मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2021 में इस कानून के तहत 277 महिलाएं थानों तक पहुंचीं और उन्होंने केस दर्ज कराए। 2022 में 300 से ज्यादा महिलाएं सामने आईं और उन्होंने थाने, चौकी और अफसरों के दफ्तरों में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पति और ससुरालियों के उत्पीड़न की दास्तान बयां कीं।
2023 में 250 महिलाओं ने तीन तलाक के केस दर्ज कराए। इस साल जुलाई तक 150 से ज्यादा महिलाएं तीन तलाक के केस दर्ज करा चुकी हैं। मुकदमा दर्ज कराने वाली कुछ महिलाओं ने घर गृहस्थी बचाने के लिए आपसी सहमति से समझौता कर लिया, लेकिन 872 महिलाएं कोर्ट में पैरवी कर रही हैं। 50 से ज्यादा मामलों में पुलिस विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
परिवार ने छोड़ा साथ तो भी नहीं हटीं पीछे
तीन साल पहले कटघर क्षेत्र में रहने वाली एक युवती को शादी का झांसा देकर उसके प्रेमी ने दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने शादी करने से इन्कार कर दिया था। पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो आरोपी ने उससे निकाह कर लिया और अपने घर ले गया, लेकिन कुछ दिन बाद ही आरोपी ने तीन तलाक देकर रिश्ता खत्म कर कर लिया।
तब पीड़िता ने तीन तलाक का केस दर्ज करा दिया था। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच समझौता हुआ, लेकिन पीड़िता नहीं मानी और उसने समझौता करने से इन्कार कर दिया। परिवार ने भी पीड़िता का साथ छोड़ दिया, लेकिन उसने अपने केस की पैरवी बंद नहीं की है।
तीन तलाक के मुकदमे में पैरवी करने पर दी तेजाब डालने की धमकी
मझोला क्षेत्र में रहने वाली महिला ने अपने पति के खिलाफ तीन तलाक का केस दर्ज कराया था। पति दूसरी युवती से निकाह करना चाहता था। महिला ने विरोध किया तो उसे तीन तलाक दे दिया। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। पीड़िता केस की पैरवी करने कचहरी गई थी।
आरोपी कोर्ट में मिल गया और तेजाब डालने की धमकी देकर भाग गया। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया है, लेकिन पीड़िता न तो डरी और न ही केस वापस लेने को तैयार हुई।