रविवार शाम छह बजे वह घर से स्कूटी से घर निकले थे। सोमवार सुबह उनका शव मझोला क्षेत्र में चौहानों वाली मिलक में कुएं में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर हमला कर उनकी हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी।
अधिवक्ता के बेटे मो. सुहेल अली की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर के नेतृत्व में चार टीमें केस की जांच पड़ताल में जुटी है। मंगलवार को पुलिस टीमों ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया।
आस पड़ोस के लोगों से पूछताछ की। जिससे पता चला कि इस क्षेत्र की कई जमीनों पर विवाद चल रहे हैं। यहां कुछ लोग ऐसे भी सक्रिय रहते हैं। कोई यहां जमीन का सौदा करना चाहता है तो उसे डरा धमकाकर भगा देते हैं।
इसके बाद पुलिस ने एक दर्जन लोग हिरासत में ले लिए। जिनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा गागन नदी किनारे कई लोगों ने सरकारी जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। पुलिस टीम इस लाइन पर भी काम कर रही है कि किसी विवादित जमीन का अधिवक्ता ने कोई सौदा तो नहीं किया था।
सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि पुलिस टीमें केस पर काम कर रही हैं। कुछ सुराग मिले हैं। कड़ी से कड़ी जोड़कर हत्याकांड का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
मोबाइल व स्कूटी अब तक नहीं मिली
पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को अधिवक्ता के मोबाइल, स्कूटी और अन्य सामान की तलाश में गागन नदी में सर्च अभियान चलाया, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई है। पुलिस की दूसरी टीम ने गागन तिराहे से लेकर टीपी नगर तक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
हालांकि पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल पाई। रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे और निजी अस्पताल की पार्किंग में पुलिस टीमें गईं और स्कूटी के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस स्कूटी के जरिए हत्यारों तक पहुंचने का प्रयास का रही है।
बेटे की पुलिस से मांग, घटना का सही खुलासा किया जाए
अधिवक्ता शौकीन अली के बेटे मो. सुहेल अली का कहना है कि वह अब तक नहीं समझ पाया है कि हमारे पिता का दुश्मन कौन है। मेरे पिता की कभी किसी से कोई लड़ाई या झगड़ा नहीं हुआ था। बेटे की मांग है कि पुलिस इस हत्याकांड का सही खुलासा करे और हत्यारों को सजा दिलाए।