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UP: फीस जमा करनी थी तो मां को बेचनी पड़ीं सोने की बालियां, छात्रवृत्ति न मिलने से परेशान हुए विद्यार्थी

Tue, 09 Apr 2024 10:38 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति न मिलने से छात्र परेशान हैं। लंबे समय से छात्रवृत्ति न मिलने से छात्र किताब नहीं खरीद पा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि कुछ विद्यार्थियों के फॉर्म का स्टेटस पेंडिंग दिखा रहा है, इसका मतलब है कि निदेशालय में वह फॉर्म प्रक्रिया में है। जल्द ही बजट जारी कर दिया जाएगा। 
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मुरादाबाद के छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुझे 35 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलनी है। यह मेरी पढ़ाई का बहुत बड़ा सहारा है, क्योंकि मेरी घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। छात्रवृत्ति का इंतजार कर रही हूं लेकिन अभी तक मिल नहीं पाई है। मुझे फीस जमा करनी थी तो मेरी मां को मजबूरी में अपनी सोने की बालियां बेचनी पड़ी हैं।

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अब सरकार से मांग है कि या तो छात्रवृत्ति भेज दे, नहीं तो छात्राओं की फीस माफ कर दे। ये कहना केजीके राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की एक छात्रा का। इसी संस्था के बीएचएमएस द्वितीय वर्ष के करीब 50 से अधिक ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने जनवरी माह में प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए फॉर्म भरा था।

कॉलेज के अलावा मार्च माह में जनपद स्तर से भी आवेदनों का सत्यापन हो गया। जब विद्यार्थी समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर फॉर्म की जांच कर रहे हैं तो वह सत्यापित दिखाए जा रहे हैं लेकिन अभी तक विद्यार्थियों के खातों में धनराशि नहीं आई है।
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इसकी वजह से छात्रों के सामने आर्थिक संकट हो गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि इससे उन्हें किताबें खरीदने, पढ़ाई के अन्य खर्चे पूरे करने में परेशानी हो रही है।
 

मेरे पिताजी नहीं हैं। मां गांव में ही रहतीं हैं। हम चार भाई-बहन हैं। 14 हजार रुपये फीस, साढ़े सात हजार रुपये परीक्षा शुल्क और दस हजार रुपये की किताबें आनी हैं। अभी तक मैं किताबें नहीं खरीद पाई हूं। यदि छात्रवृत्ति आ जाती तो बहुत बड़ी मदद हो जाती। -प्रगति सिंह, छात्रा

 

मैं सोनभद्र से हूं। मेरी पहले वर्ष में भी छात्रवृत्ति नहीं आई थी। इस बार भी अब तक इंतजार ही कर रहे हैं। पढ़ाई के अलावा बाहर रहने का भी खर्च हो जाता है। परिवार में भी आर्थिक परेशानी है। इसलिए छात्रवृत्ति मिलना हमारी पढ़ाई के लिए बहुत जरूरी है। - शालिनी वर्मा, छात्रा
 

मैं द्वितीय वर्ष का छात्र हूं। आवेदन के स्टेटस में मेरी मास्टर फीस दिखाई नहीं दे रही है। जिला स्तरीय अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि यह गलती है, इसलिए छात्रवृत्ति नहीं आ रही है। - विशाल गंगवार, छात्र
 

जिन विद्यार्थियों के फॉर्म का स्टेटस पेंडिंग दिखा रहा है, इसका मतलब है कि निदेशालय में वह फॉर्म प्रक्रिया में है। नॉट अवेलेबिलिटी ऑफ फंड का अर्थ कि अभी फंड उपलब्ध नहीं है। मास्टर फीस न मिलने वाले फॉर्म में एफ़िलिएटिंग एजेंसी की गलती है। उनके द्वारा फॉर्म नहीं भरा गया है। हमारे पास जितने भी आवेदन थे, सभी सत्यापित करके भेज दिए हैं। अब निदेशालय का काम बाकी है। वहां से कब तक होगा, इसकी जानकारी स्थानीय स्तर से दे पाना मुश्किल है। - शैलेंद्र कुमार गौतम, समाज कल्याण अधिकारी

 

जिला स्तर पर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति विवरण 2023-24

श्रेणी                                          अग्रसारित छात्र संख्या

अनुसूचित जाति (कक्षा 9-10)                        2994

सामान्य वर्ग (कक्षा 9-10)                              986

दशमोत्तर अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति                13051

दशमोत्तर सामान्य वर्ग छात्रवृत्ति                      5910

 

 

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