लोकतंत्र के उत्सव में महिला मतदाताओं पर सबकी नजर रहती है। उनके वोट के लिए राजनीतिक दलों की ओर से कई वादे किए जाते हैं। लेकिन जब उनको राजनीति में हिस्सेदारी की बात आती है तो सभी पीछे हट जाते हैं। यही वजह है कि अब तक के लोकसभा चुनावों में मंडल की छह सीटों से सिर्फ छह महिलाएं ही संसद में पहुंचीं हैं। मुरादाबाद, अमरोहा और नगीना सीट से आज तक कोई महिला सांसद नहीं चुनीं गईं।
इस सीट पर सबसे अधिक चार बार हाजी गुलाम मोहम्मद ने जीत दर्ज की है। उन्होंने दो बार जनता पार्टी और दो बार जनता दल के टिकट पर जीत हासिल की थी। जबकि सपा के टिकट पर तीन बार डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा रामसरन ने दो बार और हाफिज मोहम्मद सिद्दीक ने एक बार जीत हासिल की थी।
मंडल में बिजनौर के अलावा रामपुर और संभल लोकसभा सीट से तीन महिलाएं दो-दो बार संसद तक पहुंचीं हैं। रामपुर लोकसभा सीट से बेगम नूरबानो 1996 और वर्ष 1999 में विजयी रहीं। इस सीट पर फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा ने 2004 और 2009 में जीत दर्ज की। संभल लोकसभा सीट पर शांति देवी ने वर्ष 1977 और 1984 में जीत दर्ज की थी। वह एक बार जनता पार्टी तो दूसरी बार कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुईं थीं।
बिजनौर का प्रतिनिधित्व कर चुकीं हैं मीरा कुमार और मायावती
मुरादाबाद मंडल की बिजनौर लोकसभा सीट पर सबसे अधिक तीन बार महिलाएं सांसद चुनीं गई हैं। इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और ओमवती शामिल हैं। 1985 में कांग्रेस के टिकट पर मीरा कुमार, 1989 में बसपा के टिकट पर मायावती और वर्ष 1998 में सपा के टिकट पर ओमवती ने जीत दर्ज की थी।