15 साल पहले दिल्ली आई थी आरोपी महिला
मणिपुर के चंदेल जिले के चापिकारोंग निवासी कोनसम सुनीता ने पुलिस पूछताछ में बताया कि 15 साल पहले वह नौकरी की तलाश में दिल्ली आई थी। काफी प्रयास के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली। एक दिन दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास उसकी एक युवक से मुलाकात हुई।
उसने नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बाद महिला युवक के साथ चली गई। युवक और उसके साथी लोगों से साइबर ठगी करते थे। महिला ने कुछ दिन उनके साथ काम किया। बाद में उसकी मुलाकात नाइजीरियन युवक से हुई। इसके बाद महिला उसके साथ मिलकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
पूर्वोत्तर के लोगों के लोगों के खाते में ट्रांसफर कराते रकम
साइबर ठगों के गिरोह में शामिल कोनसम सुनीता ने ही पूर्वाेत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और लोन दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज ले लिए थे।
इसके बाद इन दस्तावेजों के जरिए बैंकों में खाते खुलवाए। इनके डेबिट कार्ड और चेकबुक अपने पास रख ली थी। फिर साइबर ठगी करने के बाद रकम इन खातों में मंगवाई जाती थी। फिर ऑनलाइन ही रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देते थे।