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UP: एक सप्ताह तक बनाया कश्मीर जाने का प्लान, फिर रची झूठी कहानी, रील के जुनून में एक साल में 15 ने छोड़ा घर

Fri, 31 Jan 2025 05:35 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

सातवीं की दो छात्राएं कश्मीर जाकर बर्फ में रील बनाने के लिए एक सप्ताह से योजना बना रही थीं। दादी की मौत का बहाना बनाकर वह स्कूल से निकलीं और ट्रेन से दिल्ली पहुंचीं। पुलिस ने दोनों को मोबाइल लोकेशन के आधार पर बरामद कर लिया। उधर, रील बनाने के लिए पिछले एक साल में 15 नाबालिग घर छोड़कर चले गए, जिन्हें पुलिस ने अलग-अलग शहरों और प्रदेशों से बरामद किया।
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Social Media - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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दादी की माैत होने की जानकारी देकर स्कूल से निकलने वाली छात्राएं एक सप्ताह से कश्मीर जाने का प्लान बना रही थीं। उन्होंने पुलिस और बाल कल्याण समिति के सामने दर्ज कराए बयानों में यह जानकारी दी। सिविल लाइंस क्षेत्र के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली दो अलग-अलग समुदाय की सातवीं की छात्राएं कक्षा में एक साथ ही बैठती थीं।

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इनमें से एक छात्रा कुछ दिन पहले अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गई थी। उसने वहीं सोच लिया था कि वह अपनी सहेली के साथ दोबारा यहां आएगी और बर्फ में रील बनाएगी। उसने स्कूल पहुंचने के बाद अपनी सहेली से कश्मीर के बारे में विस्तार से बताया। तब दोनों ने प्लान बनाया कि वह कश्मीर घूमने जाएंगी।

इसके लिए उन्होंने अपने-अपने घर में रुपये जुटाने शुरू कर दिए। इसके बाद तय किया कि एक छात्रा स्कूूल जाएगी और दूसरी दादी की मौत होने की जानकारी देकर उसे अपने साथ लेकर आएगी। मंगलवार दोपहर प्लानिंग के तहत दोनों छात्राएं ऐसे ही स्कूल से निकलकर ट्रेन में बैठकर दिल्ली पहुंच गई थीं।
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वहां से दोनों मेट्रो में सवार होकर वल्लभगढ़ में पहुंची थीं। मोबाइल लोकेशन के जरिये दोनों को पुलिस ने बरामद कर लिया था। तब उन्होंने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह एक सप्ताह से कश्मीर जाने का प्लान बना रही थीं। उन्हें कश्मीर जाकर बर्फ में रील बनानी थी।

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एक साल में 15 नाबालिगों ने छोड़ा घर

नाबालिगों पर रील बनाने का जुनून इस कदर हावी हो रहा है कि टोकने पर वह घर छोड़ने में भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। मोबाइल के इस्तेमाल और रील बनाने से टोकने पर पिछले एक साल में 15 नाबालिग घर छोड़कर चले गए, जिन्हें पुलिस ने अलग-अलग शहरों और प्रदेशों से बरामद किया।

बाल कल्याण समिति ने जब बच्चों के बयान दर्ज किए तो सामने आया कि बच्चे सोशल मीडिया में इतना डूबे थे कि जब उन्हें इससे अलग किया गया तो वह घर से भाग गए। मझोला क्षेत्र में रहने वाले कक्षा नाै के 15 वर्षीय छात्र ने इंस्टाग्राम पर अपनी आईडी बना ली थी। पिता के ड्यूटी पर जाने और मां के घरेलू काम में व्यस्त होने के बाद छात्र मकान की छत पर जाकर रील बनाता और उसे इंस्टाग्राम पर अपलोड करता था।

एक दिन मां ने बच्चे को छत पर रील बनाते हुए देख लिया। बच्चे को मां ने डांट दिया तो वह बिना बताए घर से बाहर चला गया। पिता ने मझोला थाने में केस दर्ज कराया।  उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया। इसी तरह एक बच्चा कटघर क्षेत्र से भी अचानक गायब हो गया था। पुलिस ने उसे बरामद किया तो पता चला कि पिता ने मोबाइल चलाने पर डांट दिया था।

सिविल लाइंस क्षेत्र में रहने वाली एक किशोरी ट्रेन में बैठकर दिल्ली चली गई थी। पुलिस ने किशोरी को दिल्ली से बरामद करने के बाद बाल कल्याण समिति के सामने बयान दर्ज कराए थे। तब पता चला कि किशोरी को मां ने रील बनाने से रोका था। इनके अलावा भी 12 अन्य मामले बाल कल्याण समिति के सामने पहुंचे, जिनमें बच्चों ने रील बनाने के चक्कर में घर छोड़ दिया।

रील बनाने से टोकने पर बच्चों द्वारा घर छोड़ने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इन बच्चों की काउंसिलिंग की जा रही हैं। पिछले एक साल में 15 ऐसे मामले सामने आए। अभिभावकों की भी काउंसिलिंग की गई कि वह किस तरह अपने बच्चों को ध्यान रखें। - अमित कौशल, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति 

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