एक साल में 15 नाबालिगों ने छोड़ा घर
नाबालिगों पर रील बनाने का जुनून इस कदर हावी हो रहा है कि टोकने पर वह घर छोड़ने में भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। मोबाइल के इस्तेमाल और रील बनाने से टोकने पर पिछले एक साल में 15 नाबालिग घर छोड़कर चले गए, जिन्हें पुलिस ने अलग-अलग शहरों और प्रदेशों से बरामद किया।
बाल कल्याण समिति ने जब बच्चों के बयान दर्ज किए तो सामने आया कि बच्चे सोशल मीडिया में इतना डूबे थे कि जब उन्हें इससे अलग किया गया तो वह घर से भाग गए। मझोला क्षेत्र में रहने वाले कक्षा नाै के 15 वर्षीय छात्र ने इंस्टाग्राम पर अपनी आईडी बना ली थी। पिता के ड्यूटी पर जाने और मां के घरेलू काम में व्यस्त होने के बाद छात्र मकान की छत पर जाकर रील बनाता और उसे इंस्टाग्राम पर अपलोड करता था।
एक दिन मां ने बच्चे को छत पर रील बनाते हुए देख लिया। बच्चे को मां ने डांट दिया तो वह बिना बताए घर से बाहर चला गया। पिता ने मझोला थाने में केस दर्ज कराया। उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया। इसी तरह एक बच्चा कटघर क्षेत्र से भी अचानक गायब हो गया था। पुलिस ने उसे बरामद किया तो पता चला कि पिता ने मोबाइल चलाने पर डांट दिया था।
सिविल लाइंस क्षेत्र में रहने वाली एक किशोरी ट्रेन में बैठकर दिल्ली चली गई थी। पुलिस ने किशोरी को दिल्ली से बरामद करने के बाद बाल कल्याण समिति के सामने बयान दर्ज कराए थे। तब पता चला कि किशोरी को मां ने रील बनाने से रोका था। इनके अलावा भी 12 अन्य मामले बाल कल्याण समिति के सामने पहुंचे, जिनमें बच्चों ने रील बनाने के चक्कर में घर छोड़ दिया।
रील बनाने से टोकने पर बच्चों द्वारा घर छोड़ने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इन बच्चों की काउंसिलिंग की जा रही हैं। पिछले एक साल में 15 ऐसे मामले सामने आए। अभिभावकों की भी काउंसिलिंग की गई कि वह किस तरह अपने बच्चों को ध्यान रखें। - अमित कौशल, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति