उत्तर प्रदेश भाजपा में मुरादाबाद की चौधराहट पार्टी के काम न आ सकी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह के गृह जनपद मुरादाबाद में ही पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही वेस्ट यूपी में भी भाजपा का प्रदर्शन 2019 के मुकाबले कमजोर रहा। 2019 में भाजपा को वेस्ट यूपी की 21 सीटें मिली थीं। इस बार सीटों की संख्या घटकर 14 रह गई है।
वहीं सपा ने वेस्ट यूपी में अपनी सीटों में तीन गुना बढ़ोतरी की है। 2019 में सपा के खाते में वेस्ट यूपी की चार सीटें थीं, जिनमें तीन मुरादाबाद मंडल की थीं। इस बार सपा ने 12 सीटें जीती हैं। वहीं 2019 में बसपा को भी वेस्ट यूपी में चार सीटें मिली थीं।
इस बार पार्टी एक भी सीट जीतने में नाकामयाब रही। वेस्ट यूपी की 29 सीटों में से 14 पर भाजपा, 12 पर सपा, दो पर आरएलडी व एक पर आजाद समाज पार्टी ने जीत दर्ज की है। हालांकि पश्चिम में भाजपा ने सपा से दो सीटें ज्यादा जीती हैं, लेकिन पिछले प्रदर्शन को देखते हुए इसे भाजपा का बेस्ट प्रदर्शन नहीं कहा जा सकता।
2019 में प्रदेश की 16 में आठ सीटें वेस्ट यूपी से हारी थी एनडीए : 2019 में भाजपा को उत्तर प्रदेश की 62 सीटें मिली थीं। इसके सहयोगी अपना दल को दो सीटें मिली थीं। प्रदेश की कुल 80 सीटों में से एनडीए को 16 पर हार का सामना करना पड़ा था। इनमें से भी आठ सीटें वेस्ट यूपी की थीं।