मुरादाबाद में रुचिवीरा पहली महिला सांसद बनीं। मुरादाबाद की सियासत में अचानक एंट्री मारकर रुचिवीरा छा गईं। नामांकन के आखिरी दिन 27 मार्च को अपना पर्चा दाखिल किया था। 19 अप्रैल को मतदाताओं ने अपना फैसला सुनाया था।
27 मार्च की दोपहर अचानक चार समर्थकों के साथ रुचिवीरा कलक्ट्रेट पहुंचीं और सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर सभी को चौंका दिया था। मंगलवार को एक बार फिर रुचिवीरा ने सभी को चौंकाया। मुरादाबाद में रुचिवीरा की महज 24 दिनों की सियासी पारी ने 72 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
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चुनाव जीतकर वह मुरादाबाद लोकसभा सीट से पहली महिला सांसद बन गईं हैं। सपा ने मुरादाबाद लोकसभा सीट से डॉ. एसटी हसन को उम्मीदवार घोषित किया था। 26 मार्च को उन्होंने अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था। लेकिन उसी दिन शाम तक शहर में आजम खां की करीबी बिजनौर की पूर्व विधायक रुचिवीरा को पार्टी का सिंबल मिलने की खबर फैल गई। इसके बाद सपा में खींचतान शुरू हो गई थी।
27 मार्च की दोपहर पौने एक बजे चार समर्थकों के साथ रुचिवीरा कलक्ट्रेट पहुंचीं। जहां सपा के सिंबल के साथ डॉ. एसटी हसन के सिंबल निरस्तीकरण के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जारी पत्र को दिखाकर नामांकन पत्र दाखिल कर रुचिवीरा ने सियासी हलचल मचा दी थी। इसके साथ ही मुरादाबाद की सियासत में रुचिवीरा की एंट्री हुई।
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दूसरी ओर टिकट कटने से नाराज डॉ. एसटी हसन के समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध के बीच रुचिवीरा ने अपना चुनाव प्रचार जारी रखा। नामांकन के 24वें दिन 19 अप्रैल को मतदान हुआ। भाजपा और सपा के बीच सीधे मुकाबले में मतदाताओं ने रुचिवीरा के पक्ष में मतदान कर अपना फैसला सुना दिया।
जिसका परिणाम मंगलवार को आया। मुरादाबाद को रुचिवीरा के रूप में पहली महिला सांसद मिलीं। वह 105762 मतों से चुनाव जीत गईं। 1952 से लेकर 2019 तक हुए चुनावों में मुरादाबाद लोकसभा सीट से किसी महिला को जीत नहीं मिली थी।
रुचिवीरा का राजनीतिक सफर
वर्ष 2014 में उपचुनाव जीतकर बिजनौर से विधायक बनीं
वर्ष 2019 में आंवला से बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ीं, हार मिली
वर्ष 2022 में बसपा के टिकट पर बिजनौर से विधानसभा चुनाव लड़ीं, हार मिली
वर्ष 2024 में बसपा के टिकट पर मुरादाबाद लोकसभा सीट से सांसद बनीं
उपचुनाव की चर्चाओं पर भी लगा विराम
चुनाव परिणाम आने से पहले तक मुरादाबाद लोकसभा सीट पर उपचुनाव होगा या फिर यहां से पहली बार किसी महिला को सांसद बनने का गौरव हासिल होगा, इसकी चर्चा जोरों पर थी। मतदान के दूसरे दिन भाजपा उम्मीदवार सर्वेश सिंह का निधन हो गया था। ऐसे में उनके जीतने पर मुरादाबाद सीट पर पहली बार उपचुनाव होता। परिणाम आने के बाद इस चर्चा पर विराम लग गया।
आजम खां ने मुश्किल दौर में मुझे टिकट दिलाया : रुचिवीरा
लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खुश सपा प्रत्याशी रुचिवीरा ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख सहित सभी बिरादरी के लोगों ने उनको वोट दिया। पार्टी के लोगों ने उनका साथ देकर इतनी बड़ी जीत दिलाई। सभी लोग धन्यवाद के पात्र हैं। सपा प्रत्याशी ने कहा कि आज के दिन धन्यवाद के पात्र पूर्व मंत्री आजम खां हैं। उन्होंने मुझे टिकट दिलवाया। उनकी सरपरस्ती में राजनीति करती आई हूं।
मुश्किल दौर में उन्होंने मेरा ख्याल रखा। आरोप लगाया कि आजम खां को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। ऊपरवाले से दुआ करती हूं कि उनकी दिक्कतें दूर करें और सेहत ठीक रहे। जल्द से जल्द उनको मुकदमों से राहत मिल सके। मेहरबानी ऊपर वाले की भी है, जिसने मुझे इतनी ताकत दी। चुनाव मजबूती के साथ लड़ सकी। पार्टी का चुनाव में बहुत बड़ा रोल होता है। इस कारण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के प्रति आभारी हूं।