एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि बदायूं जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के जोगीपुरा निवासी नीलिमा अपने पति के साथ 1990 में मुरादाबाद आकर बस गई थीं। अभी करीब दो साल से वह वह बुद्धि विहार सेक्टर दो में गणेश पार्क के सामने किराए के मकान में रही रही थीं।
उनके जुड़वा बेटे और बेटी हरियाणा के गुरुग्राम में रह रहे थे। बेटी हिमशिखा बीबीए करने के बाद आईटी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर तैनात थी और एमबीए कर रही थी जबकि बेटा हार्दिक पहले गूगल में नौकरी करता था लेकिन एक साल से वह नौकरी छोड़ने के बाद यूट्यूबर हो गया था।
नीलिमा ने पुलिस को बताया कि होली से एक दिन पहले ही भाई बहन घर आए थे। हार्दिक पुणे की किसी मुस्लिम लड़की से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। नीलिमा और उसकी बेटी हार्दिक की इस शादी के लिए तैयार नहीं थीं। इसी बात को लेकर हार्दिक मां बहन से नाराज था।
शुक्रवार को बहन भाई को हरियाणा वापस जाना था लेकिन मां के ऑफिस से वापस लौटने से पहले ही हार्दिक ने चाकू से गोदकर अपनी बहन हिमशिखा की हत्या कर दी। उसकी गर्दन, चेहरे और शरीर पर चाकू से हमले किए और कंबल में उसका शव बांध दिया। इसके गेट बाहर से बंद कर दिया और अपनी मां को लेने ऑफिस पहुंच गया।
उसने मां से कहना कि उन्हें हरियाणा अभी जाना है। इसलिए घर चलो। वह अपनी मां को ऑफिस से घर ले आया। बेटी की हत्या से अनजान मां ने जैसे ही घर में कदम रखा तो हार्दिक ने गेट बंद कर लिया। आँगन में कंबल में लिपटे बेटी के शव को देखकर नीलिमा ने चीख पुकार मचा दी।
इसी दौरान हार्दिक ने अपनी मां पर चाकू से हमला कर दिया। शोर शराबा होने पर आस-पड़ोस के लोग आए तो आरोपी घर के बाहर खड़ी टाटा पंच कार में बैठकर भाग गया। लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मां बेटी को जिला जिला अस्पताल भिजवा दिया।
हालांकि बेटी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जिला अस्पताल में भी हिमशिखा को मृत घोषित कर दिया। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है। घायल महिला का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।