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UP: मामूली जुर्माने की बेड़ियों में कैद चार लोगों की आजादी, मुरादाबाद जेलर को स्वयंसेवी संस्थाओं से मदद की आस

Sat, 05 Apr 2025 06:08 PM IST
विमल शर्मा जितेंद्र कुमार, अमर उजाला, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद जेल में चार कैदी जुर्माना न भर पाने के कारण अतिरिक्त सजा काट रहे हैं। इन्हें रिहाई के लिए 4700 से 9500 रुपये तक की रकम जमा करनी है। अब जेल अधिकारियों को परिजन और संस्थाओं से मदद की आस है। 
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मुरादाबाद जेल (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपने गुनाह की सजा भुगत चुके जिला जेल में बंद चार कैदियों को मामूली जुर्माना अदा न कर पाने के कारण आजादी नहीं मिल रही है। कोई अपने परिजनों के आने की उम्मीद लगाए बैठा है तो किसी को स्वयंसेवी संस्थाओं से मदद की आस है। इनमें से एक कैदी को रिहाई के लिए सिर्फ 4700 रुपये जमा करने हैं।

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बावजूद इसके न तो उसके परिजन या रिश्तेदार आ रहे हैं, न कोई संस्था। इसी तरह अन्य कैदी भी छोटी-छोटी रकम के कारण अतिरिक्त सजा काट रहे हैं। रिहाई पाने के इंतजार में बैठे लोगों में एक कैदी के सबसे ज्यादा 9500 रुपये जमा होने हैं।

हालांकि, जुर्माना जमा न होने के कारण अतिरिक्त सजा भुगतने वाले कैदियों की संख्या अधिक हैं, लेकिन उन्हें अन्य केसों में भी सजा हुई है, इसलिए वह जुर्माना जमा नहीं कर रहे हैं। चार कैदी सिर्फ पैसे न होने के कारण अतिरिक्त सजा भुगत रहे हैं। 

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केस एक
अमरोहा जिले के देहात थाना क्षेत्र के मोहल्ला बदावाला निवासी वीरेंद्र उर्फ वीरू के खिलाफ 2019 में छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज हुआ था। इस मामले में अदालत ने वीरेंद्र को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा और दस हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई थी। सजा पूरी होने के बाद अब वीरेंद्र को 9500 रुपये जुर्माना के जमा करने हैं। रकम जमा न करने के कारण अभी 11 माह 10 दिन और जेल में बिताने होंगे।

केस दो 
कटघर क्षेत्र के सीतापुरी निवासी विशाल के खिलाफ 2020 में छेड़खानी और मारपीट में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अदालत ने विशाल को दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद की सजा सुनाई। साथ ही 5000 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। विशाल सजा पूरी करने के बाद पांच दिन अतिरिक्त सजा भुगत चुका है। उसे 4700 रुपये जमा करने के बाद ही आजादी मिलेगी। रुपये जमा न करने पर अभी जेल में ही रहना होगा।

केस तीन  
संभल जनपद के सराय कोठीवालान निवासी विशाल यादव के खिलाफ 2019 में संभल कोतवाली में 304 और 504 में केस दर्ज किया गया था। अदालत ने विशाल यादव को छह साल की कैद की सजा सुनाई थी। साथ ही छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। विशाल की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन जुर्माने की रकम जमा नहीं होने के कारण अभी एक माह सात दिन और जेल में बिताने होंगे।

केस चार 
संभल के कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के नवादा निवासी दुर्गी शेख उर्फ हसनुद्दीन के खिलाफ 2013 में बनियाठेर थाने में जानलेवा हमले में केस दर्ज किया गया था। अदालत ने दोषी को पांच साल की कैद सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसकी सजा पूरी हो चुकी है। इसके अलावा एक माह 11 दिन जुर्माना के रूप में अतिरिक्त सजा भुगत चुका है। अब उसे 6300 रुपये जमा करने हैं। ऐसा न करने पर 19 दिन और जेल में रहना होगा। दोषी को 2018 में डकैती के एक मामले में भी तीन साल और चार माह की सजा हुई थी। वह भी सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन एक हजार रुपये न जमा करने के कारण 30 दिन और जेल में बिताने पड़ेंगे।
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जिला जेल में बंद चार कैदी ऐसे हैं, जिनकी सजा पूरी हो चुकी है। जुर्माना जमा न होने के कारण अतिरिक्त सजा भुगत रहे हैं। ऐसे में कई संस्थाएं आगे आती हैं और जुर्माना जमा करने के बाद लोगों को रिहा कराती हैं। पहले भी कई कैदी रिहा कराए गए हैं। - आलोक सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जिला कारागार
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