कम दाम में सोना बेचने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाला मध्य प्रदेश के गिरोह को कटघर पुलिस ने पकड़ा है। इस गिरोह में पति-पत्नी समेत पांच आरोपी शामिल हैं। महिला ने फोन पर संपर्क कर अंबाला सदर निवासी वीरेंद्र उर्फ सोने को बैंड बाजे का पुराना सामान और सस्ते में सोना बेचने का झांसा देकर मुरादाबाद बुलाकर एक लाख रुपये ठग लिए थे।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि हरियाणा के अंबाला सदर के राम कृष्ण कॉलोनी निवासी वीरेंद्र उर्फ सोनू ने कटघर थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया कि उसके साथ 4.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। कटघर पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल शुरू की।
पीड़ित से पूछताछ में पता चला कि उसे सस्ते में सोना बेचने और बैंड बजाने पुराना सामान बेचने के बहाने यहां बुलाया था। पूजा नाम की महिला ने कॉल की थी। उसने विश्वास में लेने के लिए अपना आधार कार्ड भी व्हाट्सएप पर उसे भेजा था।
कटघर थाने की पुलिस और एसओजी ने इस मामले में शनिवार को मध्य प्रदेश के कटनी जनपद के रीठी थाना क्षेत्र के हरदुआ निवासी जगीसना, उसके पति अल्से बहेलिया, कटनी जनपद के टोला बूढा ललकपुर निवासी राकेश पारधी और मुन्जुस पारधी उर्फ मजूफल पारधी निवासी देवगांव, थाना रीठी जनपद कटनी, मध्यप्रदेश और इसी गांव का इंडियन गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जगीसना पूजा बनकर लोगों को फोन करती थीं। जैसे ही ग्राहक फंस जाता था। इसके बाद आरोपी ने ऐसे स्थान पर बुलाते थे, जहां कोई उन्हें पकड़ नहीं पाए। पूजा ने ही वीरेंद्र उर्फ सोनू को कॉल कर कटघर क्षेत्र में बुलाया था। वीरेंद्र से एक लाख रुपये ठग लिए थे।
हमारे पास कुछ सामान नहीं था। इसलिए विवाद हो गया था। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से वीरेंद्र से ठगे गए 64100 रुपये बरामद किए हैं। इसके अलावा गिरोह के सदस्यों से नौ आधार कार्ड व दो मोबाइल मिले हैं। शनिवार शाम सभी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
महिला से कराते थे कॉल, व्हाट्सएप पर भेज देते थे फर्जी आधार कार्ड
इस गिरोह को पति पत्नी चला रहे थे। ठग देश भर के कई प्रदेशों में ठगी की घटनाएं कर चुके हैं। लोगों को सस्ते में सोना बेचने और अन्य सामान बेचने का झांसा देते थे। जगीसना पूजा नाम बताकर लोगों से बात करती थी। उन्हें तरह तरह का लालच देती थी।
पुलिस और लोगों से बचने के लिए सभी आरोपियों ने अपने अपने फर्जी आधार कार्ड बनवा लिए थे। एक शहर में घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे शहर में चले जाते थे। इसके बाद फोन के जरिए ही लोगों को ठगते थे।