जियाउर्रहमान बर्क के विधायक से सांसद बनने पर कुंदरकी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। उपचुनाव में हाथ आजमाने के लिए भाजपा और सपा से टिकट के दावेदारों की फेहरिस्त लंबी है। भाजपा में दावेदारों की संख्या 20 से अधिक है तो सपा में 25 के पार पहुंच गई है। बसपा पहले की उपचुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है। बुधवार को सपा ने उपचुनाव की छह सीटों पर अपने उम्मीदारों की घोषणा कर दी। हालांकि इसमें कुंदरकी विधानसभा शामिल नहीं है।
वहीं सपा की पहली सूची में कुंदरकी विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित न होने के सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं। राजनीतिक गलियारोें में चर्चा है कि सपा की नजर भाजपा की रणनीति पर है। कुंदरकी में भाजपा स्वार उपचुनाव फार्मूले पर अमल करेगी या फिर खुद ही हाथ आजमाएगी। इस खुलासे के बाद सपा अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है।
फिलहाल कुंदरकी विधानसभा सीट पर सपा का प्रदर्शन बेहतर रहा है। पिछले पांच चुनावों में चार बार सपा ने जीत दर्ज की है। दूसरी ओर सपा ने प्रत्याशियों की घोषणा कर टिकट के दावेदारों में सियासी हलचल मचा दी है। टिकट के लिए दावेदारों ने लखनऊ और दिल्ली के बड़े नेताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
सपा से टिकट के दावेदार
पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन, पूर्व विधायक हाजी रिजवान, पूर्व विधायक अकीलुर्रहमान, पूर्व विधायक लाखन सिंह सैनी, पूर्व महानगर अध्यक्ष शाने अली शानू, अनीस चौधरी, प्रधान शानू लंबरदार, बीके सैनी, मोहम्मद तौहीर, मुंसाद पाशा, मोहम्मद नावेद, जिला पंचायत सदस्य रबुल पाशा, मोहम्मद रफी, मुमताज अली पाशा आदि।
भाजपा से टिकट के दावेदार
जिला पंचायत अध्यक्ष डाॅ. शैफाली सिंह, रामवीर सिंह, कमल प्रजापति, अशोक प्रजापति, मनीष सिंह, महेंद्र प्रजापति, रमन भूषण, अभिषेक सिंह और जहीर अहमद।