मुरादाबाद में भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते से 15 दिन में करीब तीन लाख बार लेनेदेन हुआ। बैंक अधिकारियों को इस बारे में पता चला तो उन्होंने खाते पर रोक लगा दी। इसके बाद खाताधारक को बुला उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के एक खाते से 15 दिन में करीब तीन लाख बार लेनदेन हुआ। साइबर सेल की शिकायत पर खाते से लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। प्रबंधक ने खाताधारक को बैंक बुलाने के बाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
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पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच कर रही है। बिलारी क्षेत्र के गांव तेवरखास निवासी एक युवक का बिलारी में बाईपास रोड पर और पंजाब में जींस का कारोबार है। बिलारी की एसबीआई शाखा में उसका चालू खाता है, जो 22 जून को ही खुला है।
सिर्फ 15 दिन में ही इस खाते में करीब तीन लाख बार लेनदेन हुआ है। ज्यादा लेनदेन होने पर यह खाता एसबीआई मुख्यालय और साइबर सेल के रडार पर आ गया। बैंक शाखा प्रबंधक शुभम कश्यप ने बताया कि दो दिन पहले साइबर सेल ने बैंक अधिकारियों से बात कर इस खाते पर रोक लगवा दी थी।
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शाखा प्रबंधक ने बताया कि बैंक मुख्यालय ने खाता संचालन की प्रक्रिया को संदिग्ध माना है और मेल भेजकर खाते की जांच करने के निर्देश दिए हैं। शाखा प्रबंधक ने संबंधित खाताधारक को शुक्रवार दोपहर शाखा में बुलाया और पूछताछ की।
खाताधारक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो प्रबंधक ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। बैंक के उच्चाधिकारियों को भी इसकी सूचना भेज दी।
मौसेरे भाई का गुजरात में है कपड़े का कारोबार
शाखा प्रबंधक ने बताया कि जांच में पता चला है कि खाते में यूपीआई के जरिये पैसा आया और इसी माध्यम से चला गया। बैंक के उच्चाधिकारियों और साइबर सेल की ओर से जांच की जा रही है। वहीं पूछताछ में खाताधारक ने बताया कि उसके सगे मौसेरे भाई का गुजरात में कपड़े का बड़ा कारोबार है। मौसरे भाई ने उससे यूपीआई आईडी ली थी और उसने ही लेनदेन किया है।