मुरादाबाद। ऑल इंडिया जमियत एहले सुन्नत से जुड़े स्थानीय मौलाना और मुफ्ती उन शादियों में निकाह नहीं पढ़ाएंगे जहां दहेज और डीजे होगा। यह निर्णय शुक्रवार मस्जिदे गौसे आजम, जियारत शाहबुलाकी में कमेटी की हुई बैठक में लिया गया।
तंजीम के महसचिव मुफ्ती दानिश कादरी ने कहा कि दहेज एक सामाजिक बुराई है। इसके बढ़ते प्रचलन के चलते तमाम गरीब परिवारों की बेटियों का ब्याह नहीं हो पाता है। इसके अलावा दहेज की खातिर कुछ लोग महिलाओं पर अत्याचार करते हैं। ऐसे लोगों की इस नासमझी का खामियाजा कई निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ता है। डीजे में भी फिजूल खर्ची होती है और शरियत के हिसाब से भी यह ठीक नहीं है। इसलिए उनकी तंजीम से जुड़े मुरादाबाद शहर के सभी मौलाना, मुफ्ती व कारी ने निर्णय लिया है कि जिस शादी में दहेज और डीजे होगा वहां वह लोग निकाह नहीं पढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग शादी में दहेज की नुमाइश करते हैं। ऐसा करना गरीब व्यक्ति की बेटियों का मजाक उड़ाने जैसा है।
बैठक में मुल्ला रईस अहमद, फरीद साबरी, मास्टर महबूब, हाफिज इंतेसाब, उस्मान कादरी, निजाम कादरी, इरफान बरकाती, नईम बरकाती व शमीम नईमी आदि मौलाना मौजूद रहे। दानिश कादरी ने बताया कि जल्द ही तंजीम की आसपास के जिलों में भी बैठक इस मुद्दे पर होगी। उसके बाद इस मिशन को प्रदेश और देश स्तर पर भी तंजीम की तरफ से ले जाया जाएगा।