मुरादाबाद। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षण संस्थानों में एनसीसी को ऐच्छिक विषय के तौर पर पढ़ाए जाने के लिए मंजूरी दे दी है। स्नातक स्तर पर विज्ञान, कला और वाणिज्य विषयों की पढ़ाई करने के साथ ही अब छात्र-छात्राएं एनसीसी को भी विषय के रूप में चुन सकेंगे। यूजीसी ने इसे लागू करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को पत्र भी लिखा है।
दरअसल नई शिक्षा नीति में एनसीसी को बतौर कोर्स शामिल करने की सिफारिश की गई थी। इसके तहत डीजी एनसीसी ने यूजीसी को पत्र भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। समस्त विश्वविद्यालयों के कुलपति को पत्र भेजा गया है। यूजीसी के निर्देशों के अनुसार देशभर के सरकारी विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों, ऑटोनॉमस विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में एनसीसी ऐच्छिक विषय के रूप में संचालित किया जाएगा।
कोर्स में छह सेमेस्टर होंगे, जिसमें 24 चैप्टर हैं। इसमें आठ चैप्टर थ्योरी, छह प्रैक्टिकल और दस कैंप के होंगे। थ्योरी के पेपर में सैन्य इतिहास, सशस्त्र सेनाएं, संचार, सीमा और समुद्री क्षेत्र, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रीय एकता, व्यक्तित्व विकास , सामुदायिक विकास, एडवेंचर, पर्यावरण जागरूकता एवं संरक्षण को शामिल किया गया है।
प्रैक्टिकल में मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट, हथियार प्रशिक्षण, ड्रिल, स्वास्थ्य एवं सफाई आदि को शामिल किया गया है। इसके अलावा कैंप में ड्रिल, शारीरिक प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन, खेलकूद और संस्कृति, स्वास्थ्य और स्वच्छता की ट्रेनिंग दी जाएगी। 24 यूपी बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी कर्नल मोनीश शर्मा ने बताया कि एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली में एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यूजीसी के निर्देशों को जल्द से जल्द लागू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके उपरांत इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया जाएगा। इस निर्णय पर मेजर एनएन त्रिवेदी, कैप्टन शिव कुमार, सीटीओ योगेंद्र सिंह आदि एनसीसी अधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
विद्यार्थियों में अनुशासन, चरित्र निर्माण एवं नि:स्वार्थ सेवाभाव विकसित करने के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एनसीसी अब कोर्स का हिस्सा बन जाएगी। काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी। स्नातक के विद्यार्थियों को एनसीसी ऐच्छिक विषय के रूप में चुनने से सैन्य क्षेत्र में भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।
- कर्नल विजय सिंह, एडम अफसर, 24 यूपी बटालियन एनसीसी
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एनसीसी को रक्षा क्षेत्र की तीसरी पंक्ति कहा जाता है। रक्षा क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एनसीसी एक महत्वपूर्ण विषय साबित होगी। एनसीसी का स्कोप लगातार बढ़ रहा है। एनसीसी के प्रति विद्यार्थियों के रुझान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
- कैप्टन डॉ राजीव चौहान, एसोसिएट एनसीसी अधिकारी, हिंदू कॉलेज मुरादाबाद