मुरादाबाद। बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि यूजीसी कानून देश की शिक्षा व्यवस्था पर चोट पहुंचाने वाला है। यह देश का सबसे बड़ा काला कानून है।
निलंबित पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार की दोपहर लाइनपार स्थित माता मंदिर पहुंचे। यहां सवर्ण समाज और ब्राह्मण महासभा ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने आरोप लगाया कि यूजीसी एक्ट को विदेशी एजेंडे के तहत लागू करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कानून में विसंगति बताते हुए उस पर रोक लगा दी है। इस काला कानून को खत्म कराना हमारा अगला लक्ष्य है। इसके लिए सवर्ण और ओबीसी संगठित हो रहे हैं। भाजपा अब विदेशी भारतीय जनता पार्टी हो गई है। पार्टी के सीईओ प्रधानमंत्री और अमित शाह मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे है। देश में विभाजनकारी शक्ति काम कर रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्रा ने कहा था कि यूजीसी एक्ट असंवैधानिक है। इसके अलावा किसी जनप्रतिनिधि ने आवाज नहीं उठाया है। प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ चल रहे बटुकों की चोटी पकड़़कर पुलिस ने प्रहार किया। इसी कारण उन्होंने देश हित में त्यागपत्र दिया था। आरोप लगाया कि जलजीवन मिशन के तहत टंकियां फट रही हैं लेकिन कोई बोल नहीं रहा है। ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि अलंकार अग्निहोत्री का त्यागपत्र समाज और राष्ट्र के लिए ऐतिहासिक कदम है। ब्राह्मण समाज सत्य और राष्ट्रहित के साथ मजबूती से खड़ा है। कार्यक्रम में रजत शर्मा, अभिषेक शर्मा, प्रदीप शर्मा, दुष्यंत कौशल, रोहतास शर्मा, अनूप मिश्रा, विनय पांडेय, बॉबी सक्सेना, रंजीत सक्सेना आदि मौजूद रहे।