मुरादाबाद। महानगर में सीवर लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट में लेटलतीफी का खामियाजा दो परियोजना अभियंताओं को उठाना पड़ा। उन्हेें बिजनौर और बांदा ट्रांसफर किया गया है। जलनिगम में चर्चा है कि दोनों अभियंताओं का ट्रांसफर प्रमुख सचिव की नाराजगी की वजह से हुआ है। तीन महीने पहले अपने दौरे के वक्त प्रमुख सचिव ने नालों के टैपिंग और सीवर लाइन प्रोजेक्ट में लेटलतीफी से नाराज होकर मौके पर ही दोनों अभियंताओं को फटकार लगाई थी। उन्हें हटाने के मौखिक निर्देश दिए थे।
शासन ने प्रमुख सचिव मनोज सिंह को परियोजना प्रबंधक बनाकर मुरादाबाद 24 जून को भेजा था। रामगंगा नदी के निरीक्षण के वक्त बिना शोधन नालों के नदी में गिरने पर नाराजगी जाहिर की। उन्हें जलनिगम के अफसरों ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट कई महीने लेट हो चुका है। लेकिन लेटलतीफी का सटीक कारण कोई नहीं बता सका था। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए परियोजना अभियंता बीके गर्ग और गौरव चौधरी को फटकार लगाई थी। मौखिक रूप से उन्हें हटाने के लिए भी कहा था। इसके बाद गौरव चौधरी को बांदा और बीके गर्ग को बिजनौर ट्रांसफर किया गया है। हालांकि दोनों जिलों में अभियंताओं को प्रोेजेक्ट मैनेजर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।