कटघर थाना क्षेत्र के पंडित नगला निवासी शाकिर ने 15 अक्तूबर 2017 ने मुकदमा कराया था। शाकिर ने बताया कि उसका बेटा नसीम ई-रिक्शा चलाता था। वह 14 अक्तूबर की शाम को ई-रिक्शा लेकर घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लाैटा। शाकिर ने पुलिस को बताया था कि उसके भाई मुजीब की पत्नी रूचि ने बताया कि 14 अक्तूबर की शाम नसीम अपने दोस्त मुगलपुरा निवासी नाजिम उर्फ काला और मुगलपुरा के कुंवर साहब वाली गली निवासी फहीम उर्फ फैजान का फोन आने पर ई-रिक्शा लेकर गया था। नसीम को रेलवे स्टेशन के पास नाजिम और फहीम के साथ देखा गया था।
इस मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी नाजिम और फहीम को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नसीम ने रुपये उधार लिए थे। वापस मांगने पर वह देने से इन्कार कर रहा था। इसलिए उसे बुलाकर ई-रिक्शा छीन लिया और पंडित नगला रोड पर उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामद कराकर पोस्टमार्टम कराया था, जिसमें गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी।
दोनों आरोपियों कोे जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने 22 दिसंबर 2017 को आरोपपत्र अदालत में पेश किया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या पांच अचल लवानिया की अदालत में की गई। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों नाजिम उर्फ काला और फहीम उर्फ फैजान को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया।