मुरादाबाद जिले में बुखार व डेंगू से होने वाली मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। शुक्रवार को कुंदरकी के गांव चकफाजलपुर निवासी जुबैर आलम (23) की बुखार से मौत हो गई। जुबैर को आठ दिन पहले बुखार आया था। उसे मुरादाबाद के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। यहां उसने दम तोड़ दिया।
दूसरी ओर गांव असदपुर में इशरत जहां (58) को सात दिन से बुखार था। पहले स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया, तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इशरत जहां की मौत हो गई। वहीं जिले में डेंगू के 28 नए केस मिले हैं। हालांकि इनकी रिपोर्ट एंटीजन जांच में पॉजिटिव आई है।
स्वास्थ्य विभाग एलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव होने पर ही डेंगू की पुष्टि करता है। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि डेंगू के मामलों पर रोेकथाम का प्रयास जारी है। जहां मरीज मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव कराया जा रहा है। आयुष्मान मेलों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवा वितरित की जा रही है।
निजी अस्पतालों में डेंगू का सस्ता इलाज उपलब्ध कराने की मांग
समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह को ज्ञापन दिया। उन्होंने मांग की है कि निजी अस्पतालों में डेंगू के इलाज के नाम पर लूट न की जाए। निजी अस्पतालों में डेंगू का सस्ता इलाज उपलब्ध हो। तहसील स्तर के अस्पतालों में सीबीसी व अन्य जांचों की व्यवस्था की जाए। सीबीसी के लिए रेजिन की व्यवस्था जल्द से जल्द कराई जाए।
डेंगू पीड़ितों के लिए अस्पताल में पूरे वार्ड आरक्षित होने चाहिए। ब्लड बैंकों की गड़बड़ी व मनमानी पर रोक लगाई जाए। डेंगू के साथ टाइफाइट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके समाधान के लिए शिविरों की संख्या बढ़ाई जाए। ज्ञापन के बाद सीएमओ ने कहा कि की जो भी खामियां हैं उन्हें दूर किया जाएगा।
इस मौके पर सपा छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव वसीम अकरम, सपा मजदूर सभा के जिला अध्यक्ष शाकिर अली राइनी, फहीम मंसूरी, फाजिल मलिक, विवेक चौहान, अरबाज खान, शकील अंसारी, मो. अदनान, राशिद अली सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।