कुंदरकी पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी
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कुंदरकी। छात्रा सुसाइट केस में कुंदरकी पुलिस ने तहेरे चचेरे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही फेसबुक पर आपत्तिजनक वीडियो को वायरल करने में प्रयुक्त मोबाइल को भी बरामद कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के उपरांत जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि गुुुरुवार को कुंदरकी थाना क्षेत्र के एक गांव में आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से आहत छात्रा ने गले में दुपट्टे का फंदा लगाकर छत के कुंडे से लटक कर जान दे दी थी। छात्रा के इस आत्मघाती कदम उठाने के पीछे से गांव के ही दो युवकों के द्घारा पुरानी आपत्तिजनक वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल किए जाने की बात सामने आई थी। एसपी देहात विद्या सागर मिश्र ने मौका मुआयना कर पीड़ित परिवार को प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले छात्रा की पिता की तहरीर पर मुकदमा कायम किया और देर रात में ही नामजद आरोपियों की तलाश में दबिशें दी। थानाध्यक्ष पवन कुुमार ने बताया कि छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने और आपत्तिजनक वीडियो को फेसबुक पर वायरल करने के आरोपी अली अहमद और उमर को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से वीडियो वायरल करने में प्रयुक्त मोबाइलों को भी बरामद कर लिया गया है। इसी बरामद मोबाइल से आरोपियों ने फेसबुक पर वीडियो को वायरल किया था। गिरफ्तार दोनों आरोपी आपस में तहेरे चचेरे भाई है जिनमें गहरी दोस्ती भी है। आरोपी अली अहमद राजमिस्त्री है जबकि आरोपी उमर की मुरादाबाद में दूूध की डेरी बताई गई है। शुक्रवार को ही पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर जेल भेज दिया गया है।
कुंदरकी। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद मुरादाबाद से जब छात्रा का शव उसके गृह ग्राम में घर पर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। शव को देखने के लिए महिलाओं की भीड़ जमा हो गई। गम से बेहाल परिजनों को ग्रामीण ढांढस बंधाते नजर आए। कुछ देर बाद ही छात्रा के शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। दफन के दौरान कुंदरकी पुलिस भी मौजूद रही।
कुंदरकी। मृतक छात्रा की पिता की तहरीर के आधार पर कुंदरकी पुलिस ने आरोपी अली अहमद और उमर के खिलाफ छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने के के आरोप में आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा कायम किया गया था। मुकदमे की विवेचना हल्का दरोगा बृजेश कुमार जायसवाल को सौंपी गई थी। थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि जांच के दौरान आपत्तिजनक वीडियो को आरोपियों द्घारा फेसबुक पर वायरल करने के तथ्य सामने आए जिसके चलते आईपीसी की धारा 34 और आईटी एक्ट की धारा 67 ए की बढ़ोत्तरी की गई है। अब इस मुकदमे की विवेचना निरीक्षक द्घारा की जाएगी।