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चटकती पटरियों पर जोखिम और दुश्वारियों का सफर

Mon, 27 Nov 2017 12:24 AM IST
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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ट्रेन - फोटो : self
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इन दिनों ट्रेन का सफर जोखिम और दुश्वारियों भरा हो गया है। ये हम नहीं, रेलवे आंकड़े के बता रहे हैं। नवंबर महीने में पचीस दिन के भीतर पांच बार टूटी पटरी से ट्रेनें गुजर गई। जबकि बत्तीस स्थानों पर रेल फ्रैक्चर भी हुए। पटरियों के चटने की वजह चाहे जो भी रही हो, लेकिन खतरे में तो यात्री हैं। वहीं कोहरे और ब्लाक के चलते पचास से अधिक ट्रेनें रद्द हो चुकी है। रोजाना पंद्रह से बीस ट्रेनें देरी से चल रही है। इस जोखिम और दुश्वारियों के बीच रोजाना मुरादाबाद रेल मंडल लोग सफर पर निकल रहे हैं।

खतौली में उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद रेलवे में व्यापक बदलाव का दौर चल रहा है। लाइन मरम्मत के लिए इंजीनियरिंग विभाग को आसानी से ब्लाक मिलने लगा है। मुरादाबाद रेल मंडल में बीस सितंबर से ट्रैक मरम्मत का काम चल रहा है। जो अभी भी जारी है।
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इसका असर ट्रेनों का संचालन पर पड़ा। वहीं ब्लाक के बीच छाए कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार रोक दी। ब्लाक और कोहरे में पिटी ट्रेनों के समय अभी तक सुधार नहीं हो सका है। इसके चलते महीने भर में पचास से अधिक ट्रेनें निरस्त की जा चुकी हैं। दूसरी ओर मरम्मत के बीच पिछले पचीस दिनों में बत्तीस स्थानों पर पटरी चटक चुकी है।

यहीं नहीं पांच बार ट्रेनें टूटी पटरी से निकल गई। इसमें महामना एक्सप्रेस, शताब्दी, सियालदाह एक्सप्रेस शामिल है। गनीमत रहा कि कोई ट्रेन पटरी से नहीं उतरी। वरना खतौली जैसा हादसा हो सकता था।

पटरियों के बदलने से कम होंगे रेल फ्रैक्चर
 मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल का कहना है कि सर्दियों में रेल फ्रैक्चर की घटनाएं बढ़ जाती है। ऐसी घटनाओं से कोई हादसा न हो इसके लिए सर्दियों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी जाती है। मंडल में पुरानी रेल लाइन अधिक है। इन पटरियों को बदलने से रेल फ्रैक्चर में कमी आएगी। मंडल में सौ किमी नई पटरी बिछा दी गई है। इस वित्तीय वर्ष में 110 किमी और पुरानी लाइन बदली जाएगी।

यहां टूटी पटरी से गुजरी ट्रेनें
- 25 नवंबर : ढंडेरा में शताब्दी टूटी पटरी से गुजरी
- 21 नवंबर : रोजा-शाहजहांपुर के बीच मालगाड़ी टूटी पटरी से गुजरी

- 17 नवंबर : चूड़ियाला-इकबालपुर के बीच सियालदाह एक्सप्रेस टूटी पटरी से गुजरी
- 03 नवंबर : हापुड़ के पास महामना एक्सप्रेस टूटी पटरी से गुजरी
- 31 अक्तूबर : कांठ में टूटी पटरी से निकल गई सवारी गाड़ी

नवंबर में इन स्थानों पर हुए रेल फ्रैक्चर
- 02 नवंबर : अगवानपुर-हरथला के बीच

- 03 नवंबर : हापुड़ के पास, बरेली यार्ड में, सहारनपुर-लक्सर रेल मार्ग पर बलियाखेड़ा के पास, अगवानपुर-हरथला के बीच
- 04 नवंबर : मुरादाबाद-गाजियाबाद रूट पर पिलखुवा के पास
- 06 नवंबर : मुरादाबाद यार्ड में

- 07 नवंबर : मुरादाबाद-नजीबाबाद रूट पर मुसर्रतपुर में
- 09 नवंबर : चंदक के पास, महरौली-डासना के बीच
- 11 नवंबर : मुरादाबाद-नजीबाबाद रेल मार्ग पर धामपुर में
- 13 नवंबर : नगीना स्टेशन के पास

- 14 नवंबर : दलपतपुर स्टेशन के पास छह इंच टूट गई रेल लाइन, मुसर्रतपुर-नजीबाबाद के बीच क्रासिंग के पास
- 15 नवंबर : दिलावरनगर यार्ड में, कांठ-मतलबपुर के बीच
- 17 नवंबर : नजीबाबाद यार्ड में, चूड़ियाला-इकबालपुर के बीच, दुगन-मिलक के बीच
- 17 नवंबर : महरौली यार्ड में

- 18 नवंबर : नगरिया मिलक में, महरौली यार्ड में लाइन नंबर दो में
- 20 नवंबर : पुरैनी यार्ड में, रहीमाबाद-दिलावरनगर के बीच टूटे मिले ट्रैक के नट बोल्ट
- 21 नवंबर : हापुड़-पिलखुवा के बीच
- 22 नवंबर : पुरैनी यार्ड में, रहीमाबाद-दिलावरनगर के बीच, खानमपुर में

- 24 नवंबर : बेहटा गोकुल और तिलहर के बीच
- 25 नवंबर : मुरादाबाद-लोधीपुर रेल मार्ग पर गेट नंबर 3-सी पर, बरेली कैंट यार्ड में लाइन नंबर-तीन में, ढंडेरा में

रेल कर्मियों की लापरवाही भी कम नहीं
रेल मंडल में रेलकर्मियों की लापरवाही भी कम नहीं है। इस महीने बरेली के पीतांबरपुर में खुले रेल फाटक पर राज्यरानी एक्सप्रेस टैंकर से भिड़ गई। हादसे में कई यात्री घायल हो गए। वहीं हापुड़ में भी फाटक खुला छोड़ दिया गया। यहां एसी सुपर फास्ट गेट पर ट्रैक्टर ट्राली से टकरा गई। इसके अलावा दलपतपुर में खुले क्रासिंग से गोरखधाम एक्सप्रेस गुजर गई थी।

आला हजरत एक्सप्रेस का देरी से चलना जारी है। रविवार शाम भुज से मुरादाबाद पहुंचने वाली आला हजरत एक्सप्रेस आज (सोमवार) को आएगी। ये ट्रेन अपने निर्धारित समय से सोलह घंटे की देरी से चल रही है। वहीं अवध असम, जनसेवा एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस सहित पंद्रह ट्रेनें देरी से पहुंची।

भुज से बरेली तक जाने वाली आला हजरत एक्सप्रेस के मुरादाबाद पहुंचने का समय शाम 6.35 बजे है। इस ट्रेन को रविवार शाम मुरादाबाद पहुंचना था। लेकिन ये ट्रेन अपने निर्धारित समय से सोलह घंटे की देरी से चल रही है। आला हजरत एक्सप्रेस अब सोमवार को दिन में मुरादाबाद आएगी। ये ट्रेन करीब दस दिनों से लेटलतीफी की शिकार है।

आला हजरत के अलावा रविवार को नौचंदी एक्सप्रेस 8 घंटे 33 मिनट, अवध असम एक्सप्रेस 9 घंटे 36 मिनट, जनसेवा एक्सप्रेस 9 घंटे, जनसाधारण एक्सप्रेस 5 घंटे 20 मिनट की देरी से मुरादाबाद पहुंची।

पत्थर बदलकर योजना अपने नाम कर रही सरकार
 पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने रविवार को सपा मेयर प्रत्याशी हाजी यूसुफ अंसारी के समर्थन में करूला रहमतनगर में जनसभा की। कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत योजनाओं के पत्थर बदलकर प्रदेश सरकार उन पर अपना नामकरण कर जनता को धोखा दे रही है। जीएसटी और महंगाई से हर वर्ग त्रस्त है।

किसान से लेकर आम आदमी तक परेशान है। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी, महानगर अध्यक्ष शुएब हसन पाशा, डा. एसटी हसन, संजीव यादव, अतहर हुसैन अंसारी, दिनेश कश्यप, हाजी फाजिल, हाजी जुल्फिकार, कैसर अली कुद्दूसी आदि मौजूद रहे।
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यूपी में फैमिली प्लानिंग की जिम्मेदारी भी महिलाओं पर है। पुरुष इस मामले में फिसड्डी हैं, परिवार नियोजन को लेकर बरती जाने वाली सावधानी से लेकर नसबंदी तक में महिलाएं आगे हैं। मुरादाबाद सहित यूपी के 47 जिलों में पुरुष नसबंदी शून्य है। इसका खुलासा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 में हुआ है।

परिवार नियोजन को लेकर जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट चाैंकाने वाली हैै। नसबंदी के मामले में पुरुष खुद आगे आने की बजाए महिलाओं को आगे कर देते हैं। इसके पीछे कारण जो भी हो, वह नसबंदी के लिए हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। इसके चलते हर साल पुरुषों की संख्या नहीं के बराबर होती है।

महिलाएं न चाहते हुए भी पुरुषों के दबाव में नसबंदी कराती हैं। सर्वे रिपोर्ट केे मुताबिक मुरादाबाद सहित प्रदेश के 47 जिलों में एक भी पुरुष नसबंदी नहीं हुई। वहीं मुरादाबाद में परिवार नियोजन के लिए बारह प्रतिशत महिलाएं आगे आई। जिले की महिलाओं का बारह फीसदी महिलाओं ने नसबंदी कराई। वहीं पुरुषों का आंकड़ा शून्य है।

 परिवार नियोजन को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव है और इसी कारण से आंकड़ा घट रहा है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ें लोगों का कहना है कि सरकार तो लोगों को जागरूक करती हैं लेकिन भ्रांतियां के कारण लोग आगे नहीं आते हैं। पुरुष तो इस मामले में काफी पीछे रहते हैं। वह सिर्फ महिलाओं को आगे करते हैं।
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पुरुष भी फैमिली प्लानिंग को लेकर गंभीर रहे तो आंकड़ा काफी उपर होता। स्वयं सेवी संस्थाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि परिवार नियोजन नहीं होने से भी कई समस्या सामने आ रही है जो समाज के लिए घातक है।

 शर्मा ने बताया कि कमेटी के हस्ताक्षर के बाद तीस नंबर को प्र्रपोजल केंद्र को भेज दिया जाएगा।
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