मुरादाबाद। मुगलपुरा थाना पुलिस ने एक हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इस गिरोह में शामिल चार महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें पति-पत्नी भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह की महिलाएं फोन के जरिए लोगों से दोस्ती करती थीं और उन्हें मिलने के बहाने अपने घर बुलाकर वीडियो बना लेती थीं। यह गिरोह वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देकर उनसे वसूली करता था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि 50 से ज्यादा लोग इस गिरोह का शिकार हो चुके हैं और दस लाख से ज्यादा की वसूली की गई है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मुगलपुरा क्षेत्र निवासी कबाड़ का काम करने वाले युवक ने 25 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि एक महिला ने कॉल कर उसे ताजपुर में मिलने के लिए बुलाया था। वहां पहुंचने पर पहले से मौजूद महिला और उसके साथियों ने उसे बंधक बनाकर निर्वस्त्र कर दिया और वीडियो बनाकर उससे 85 हजार रुपये वसूल लिए। तीन लाख की मांग और की जा रही है। बृहस्पतिवार को मुगलपुरा थाना पुलिस ने कटघर के ताजपुर निवासी रिहाना, शगुफ्ता, चांदबी, भोजपुर के धर्मपुरा निवासी इलमा और उसके पति सुलेमान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि कई लोगों के निर्वस्त्र वीडियो और फोटो इनके मोबाइल में मिले हैं।
आरोपियों ने कबूला है कि वह अपने सात अन्य साथियों के साथ मिलकर अब तक 50 से ज्यादा लोगों को शिकार बना चुके हैं। शाम को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। अन्य की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
इस तरह जाल में फंसाया था युवक को
मुरादाबाद। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि करीब एक साल पहले पीड़ित युवक भोजपुर के रसूलपुर में रहने वाले धर्मपुरा निवासी सुलेमान की दुकान पर लोहे का सामान बेचने गया था। इस दौरान सुलेमान ने उसके मोबाइल से एक नंबर पर कॉल की थी। अगले दिन उसी नंबर से युवक के पास कॉल आने लगी। युवक ने कॉल रिसीव की तो सामने वाली युवती ने अपना परिचय कटघर के ताजपुर माफी निवासी शगुफ्ता के रूप में दिया। एक माह तक दोनों के बीच बातचीत हुई। युवती ने युवक को ताजपुर में रिहाना नाम की महिला के घर बुला लिया। युवक और शगुफ्ता अकेले में बातचीत कर रहे थे कि इसी दौरान रिहाना मोबाइल से वीडियो बनाने लगी। युवक ने विरोध किया तो वहां इलमा, इकरा, उबैद, सुलेमान, इमरान नानू, चांद बी और सैयद आ गए। सभी ने युवक को बंधक बना लिया और निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बना लिया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। 18 अक्तूबर 2025 को शगुफ्ता के जीजा इमरान, सुलेमान, अनीस और पप्पी चौधरी ने युवक से एक लाख रुपये की मांग की। बदनामी के डर में युवक ने 85 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद भी आरोपी रकम मांग रहे थे।