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अजय को टिकट, एक तीर से दो निशाना

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मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र से अजय प्रताप सिंह को टिकट मिलने के साथ ही राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि एक बार फिर ठाकुरद्वारा विधासभा क्षेत्र में ठाकुर सर्वेश सिंह की चली है। सर्वेश सिंह स्वयं भी इस सीट से टिकट के दावेदार थे। पार्टी ने पहले उनके पुत्र सुशांत बिजनौर जिले की वढ़ापुर सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया था। पार्टी एक ही परिवार के दो लोगों को टिकट देने से बचने के लिए उनके पसंद उम्मीदवार को टिकट देकर एक तीर से दो निशाने लगाना चाहती है।
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ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र में ठाकुर सर्वेश सिंह का प्रभाव माना जाता है। 1991 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर जीत हासिल कर यहां भाजपा का खाता खोला था। इससे पहले इस विधानसभा सीट पर बसपा व कांग्रेस आदि का कब्जा रहा था। इसके बाद सर्वेश सिंह ने 1993, 1996, 2002 और 2012 में भी भाजपा टिकट पर जीत दर्ज की। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें प्रत्याशी बनाया और वह जीते। इसके बाद रिक्त हुई सीट पर भाजपा के पुराने कार्यकर्ता राजपाल सिंह को उपचुनाव में पार्टी का टिकट दिया गया, लेकिन वह सर्वेश सिंह के सजाए गए इस बगीचे में कमल नहीं खिला सके। सपा ने यह सीट भाजपा से छीन ली। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा यहां कमल नहीं खिला सकी। सूत्र बताते हैं कि भाजपा द्वारा राजपाल सिंह को प्रत्याशी तो घोषित कर दिया गया, लेकिन वो सर्वेश सिंह की पसंद नहीं रहे। भाजपा एक बार फिर यहां कमल खिलाने के लिए सर्वेश सिंह पर दांव लगाना चाहती थी, लेकिन एक परिवार के एक व्यक्ति को टिकट देेने सिद्धांत आड़े आ गया। भाजपा ठाकुरद्वारा से ठाकुर सर्वेश सिंह को तो टिकट नहीं दे सकी, लेकिन उनकी पसंद के क्षेत्रीय युवा चेहरे को टिकट देकर एक तीर से दो निशाना साधने की कोशिश जरूर की है। इसके लिए इस सीट से सर्वेश सिंह के बाद भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में दो बार उतारे जा चुके भाजपा के मौैजूदा जिलाध्यक्ष तक की दावेदारी को न सिर्फ दरकिनार करना पड़ा है, बल्कि उनके धुर विरोधी अजय प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाने को मजबूर होना पड़ा है। दोनों नेताओं में पहले बर्चस्व को लेकर एक दूसरे के साथ मारपीट, गाली गलौज व फायरिंग तक की घटनाएं घटित हो चुकी हैं।
मैं अपने पुत्र का नामांकन कराने बिजनौर आया हूं। पार्टी चाहती थी कि मैं ठाकुरद्वारा सीट से चुनाव लड़ू, लेकिन मेरी इच्छा नहीं थी। पार्टी ने अजय प्रताप को प्रत्याशी बनाया है। वह भी मेरे पास आए हैं। पार्टी का निर्णय ठीक है।
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सर्वेश सिंह, पूर्व विधायक एवं पूर्व सांसद
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