मुरादाबाद के अभिनव चौधरी को मिला प्रधानमंत्री बाल सम्मान पुस्कार गांव बरखेडा तहसील कांठ निवासी?
मुरादाबाद। तहसील कांठ के गांव बरखेड़ा बसतपुर निवासी अभिनव कुमार चौधरी ने अपनी पढ़ाई के साथ साथ आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निशुल्क किताबें उपलब्ध कर पढ़ने की जो राह दिखाई है, उसके लिए सोमवार को अभिनव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अभिनव ने अपनी सफलता का श्रेय पिता जगवीर सिंह, मां सुनीता सिंह, बहन हिमांशी के अलावा शिक्षकों को दिया।
अभिनव चौधरी ने जवाहर नवोदय विद्यालय ठाकुरद्वारा से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की और यहीं से उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय बेंगलुरु के लिए हो गया था। वर्तमान में अभिनव जवाहर नवोदय विद्यालय से 12वीं की पढ़ाई करने के अलावा आईआईटी की भी तैयारी कर रहे हैं। अभिनव के अनुसार जब वह हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आईआईटी की तैयारी करने के लिए बाजार में किताबें लेने पहुंचे तो यह किताबें बहुत महंगी थी। इतनी महंगी किताबों को खरीदकर तैयारी करना हर बच्चे के लिए आसान नहीं है। तभी उनके मन में एक वेबसाइट बनाने का विचार आया, जहां पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को अपनी जरूरत के हिसाब से किताबें उपलब्ध हो सकें। पिछले वर्ष 2020 में उन्होंने www.cruisebuybooks.in वेबसाइट बनाई। इस वेबसाइट के माध्यम से बच्चों को पुरानी किताबों को खरीदने और बेचने में मदद मिलती है। अभिनव के अनुसार अब तक इस वेबसाइट के माध्यम से दस हजार से अधिक छात्रों को निशुल्क किताबें उपलब्ध हो सकीं है और 30 हजार से अधिक किताबों की बिक्री हुई है। इस वेबसाइट पर हाईस्कूल से लेकर इंजीनियरिंग, नीट आदि की तैयारी के लिए किताबें मिलती हैं। एक सामाजिक संगठन के रूप में यह वेबसाइट प्रसिद्ध हुई और बच्चों और अभिभावकों ने वेबसाइट के जरिए अपनी किताबों का ब्योरा दिया। इन किताबों की डिटेल के आधार पर आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं ने किताबों को ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे मंगवाया। अभिनव द्वारा क्रूज एंपावर नामक एक अभियान के तहत करीब 25 सौ से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को कैरियर मार्गदर्शन और शैक्षिक संसाधन प्रदान किए गए हैं, ताकि ने छात्रों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के सक्षम बनाया जा सके।
स्वास्थ्य के प्रति भी कर रहे जागरूक
शिक्षा के अलावा अभिनव स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी कार्य कर रहे हैं। इन्होंने सेनेटरी पैड के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक मशीन ई-सहेली विकसित की है और इससे कई बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए सेनेटरी पैड को पर्यावरण के अनुकूल निपटारा करने के लिए जागरूक किया जाता है। ई सहेली विकसित करने के लिए एनईजीडी राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित आइडिया फॉर इंडिया चैलेंज में टेक क्रिएशन चैंपियन अवार्ड से सम्मानित किया गया था। भारत के आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी सराहना की है।
ऑनलाइन हुआ सम्मान कार्यक्रम
हिमांशी ने बताया कि सम्मान समारोह कोरोना संक्रमण की वजह से ऑनलाइन आयोजित किया गया है। शुक्त्रस्वार को जिला प्रशासन और अभिनव ने इस सम्मान समारोह की सूचना दी थी। सोमवार को अपने परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट आए थे। यहां पर एनआईसी के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। बाल संरक्षण अधिकारी शिवांगी शर्मा का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की मदद के लिए किताबे उपलब्ध करवाने के लिए अभिनव का चयन हुआ है। हिमांशी के अनुसार अभिनव को प्रमाणपत्र और एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार मिला है। अभिनव का सपना सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है।