मुरादाबाद। फतेहपुर के तीन युवकों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर उत्तराखंड के एक वसूली गिरोह ने अगवा कर लिया। इसके बाद उनसे रकम वसूली गई और फिर सिविल लाइंस क्षेत्र में उतार दिया। युवकों ने विरोध किया तो आरोपियों ने फायरिंग भी की। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि फतेहपुर जिले के हसनापुर निवासी महेंद्र कुमार ने सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली के करोल बाग में पढ़ाई करने गया था, जहां करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात अक्षय नाम के युवक से हुई थी। एक सप्ताह पहले अक्षय का फोन आया और उसने एकाउंटेंट व सेल्स पर्चेज की नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
छह जुलाई को महेंद्र कुमार अपने साथी अमन और मोहित के साथ दिल्ली पहुंच गया। महेंद्र के अनुसार, अक्षय ने कार बुक कराकर उन्हें ठाकुरद्वारा बुलाया। ठाकुरद्वारा तिराहे पर कार से उतरने के बाद अक्षय अपने साथी काव्यांश के साथ दूसरी कार से पहुंचा। कुछ दूरी पर उनके तीन साथी दीपक, सूरज और गुलशेर भी बाइक से आ गए।
आरोप है कि पांचों ने तमंचे के बल पर तीनों युवकों को बंधक बना लिया। अमन के घर से 45 हजार रुपये मंगवाए गए। अमन के खाते से 30 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कराए गए। मोहित के खाते से यूपीआई के माध्यम से 30 हजार रुपये तथा 25,250 रुपये और ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद आरोपियों ने तीनों युवकों को जान से मारने की धमकी देकर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में कोठीवाल डेंटल अस्पताल के पास कार से उतार दिया। युवकों ने शोर मचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन पर तमंचे से फायरिंग भी की और फरार हो गए।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि सिविल लाइंस पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों का पीछा कर उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के आईटीआई थाना क्षेत्र के रामपुरम एक्सटेंशन सोसायटी निवासी काव्यांश शर्मा, आईटीआई थाना क्षेत्र की शकरपुरी कॉलोनी, बाजपुर रोड, काशीपुर निवासी अक्षय, कुंडा थाना क्षेत्र के हरियावाला निवासी गुलशेर, आईटीआई थाना क्षेत्र के श्यामपुरम ओम विहार निवासी सूरज बोहरा तथा आईटीआई थाना क्षेत्र के कुंडेश्वरी बंगाली वाला निवासी दीपक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, तमंचे, एक लाख आठ हजार रुपये और एक कार बरामद की है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाते थे और बंधक बनाकर उनसे रुपये वसूलते थे। दीपक के खिलाफ पहले से हत्या और मारपीट के मामले दर्ज हैं तथा वह जेल भी जा चुका है। शुक्रवार शाम पुलिस ने पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।