मुरादाबाद। जम्मू से हावड़ा जाने वाली सियालदह एक्सप्रेस में तीन किशोरियां टीटीई स्टाफ को मिलीं। वह बिना टिकट छिपकर ट्रेन के एसी कोच में बैठी थीं। पूछताछ की तो पता चला कि तीन माह से उन्हें किसी ने बंधक बनाकर रखा था। किसी तरह वे तीनों निकलकर भागी हैं। टीटीई स्टाफ ने उन्हें मुरादाबाद स्टेशन पर जीआरपी के हवाले कर दिया। जहां से तीनों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया।
बाल कल्याण समिति के वन स्टॉप सेंटर में तीनों की काउंसिलिंग की जा रही है। मंगलवार को किशोरियों द्वारा दिए गए बयानों में किसी बड़े रैकेट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि तीनों पहले भी घर से भाग चुकी हैं। ट्रेन में मिलीं किशोरियों में एक बिहार की है। एक किशोरी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले और एक अन्य जोया (अमरोहा) की रहने वाली है। तीनों तीन माह से घर से गायब हैं। बस्ती निवासी किशोरी के परिजनों से चाइल्ड लाइन की टीम का संपर्क हुआ है। परिजनों को मुरादाबाद बुलाया गया है जिससे उन्हें उनकी बेटी सौंपी जा सके। बस्ती के एक थाने में उसके घर से गायब होने का मामला भी दर्ज है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कौशल ने बताया कि तीनों किशोरियों का मेडिकल कराया गया है। उनकी काउंसिलिंग की जा रही है। बुधवार तक सारा मामला स्पष्ट हो जाएगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीओ जीआरपी अनिल वर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।