शेरपुर पट्टी में तेंदुए को देखने लिए लगी ग्रामीणों की भीड़
शेरपुर पट्टी में पकड़े गए तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई। करीब एक माह से ग्रामीण तेंदुए से परेशान थे। तेंदुए के डर से जंगल में न जाने से उनकी खेती का काम भी प्रभावित हो रहा था। रात को जागकर अपने पशुओं और अपनी सुरक्षा कर रहे थे। तेंदुआ पकड़े जाने पर उन्होंने राहत की सांस ली। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब वह जंगल में सुरक्षित रहकर अपनी खेती का कार्य कर सकेंगे।
तेंदुओं के हमले में क्षेत्र में तीन महिलाओं समेत चार की हो चुकी है मौत
क्षेत्र में डेढ़ माह में तेंदुए के हमले में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। तीन अगस्त को हुई पहली घटना में तेंदुए ने गांव लालापुर पीपलसाना में चारा काट रही महिला को हमला कर मार डाला था। इसके बाद दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत गांव बहापुर बलिया में हो चुकी है। इसी गांव में एक बुजुर्ग को भी हमला कर गंभीर घायल कर दिया था। इसके अलावा तेंदुए के हमले में गांव मलकपुर सेमली, राईभूड़ आदि में 10 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।
भरतपुर में पिंजरे में कैद हुआ दूसरा तेंदुआ
कांठ तहसील क्षेत्र के गांव भरतपुर में तेंदुए की दहशत के बीच वन विभाग को शनिवार तड़के बड़ी सफलता मिली। गांव में पिछले करीब 10 लगे पिंजरे में दूसरा तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुआ पिंजरे में फंसने की जानकारी पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित अपने साथ मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई।
15 सितंबर को गांव भरतपुर की रहने वाली निर्वेश देवी खेत में घास काट रही थी। इसी दौरान गन्ने के खेत में छिपे बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया था। तेंदुए के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने गांव भरतपुर में तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए थे और टीम ने तीन दिन यहां कैंप किया था।
17 सितंबर को पिंजरे में पहला मादा तेंदुआ तेंदुआ कैद हो गया था। उसे वन विभाग की टीम अपने साथ ले गई थी। इसी के साथ यहां और भी तेंदुआ होने की आशंका पर दूसरा पिंजरा 17 सितंबर से लगा हुआ था, शनिवार तड़के पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया।