प्रेम विवाह से नाराज होकर युवक पर जानलेवा हमला करने के आरोप में दो सगे भाई समेत तीन मुलजिमों को अदालत ने दोषी करार दिया है। तीनों आरोपियों को साढ़े तीन-तीन साल की सजा और दस- दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सात मई 2014 को संभल जनपद के सरथल गांव में रहने वाले शेर सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि उसका लड़का विकेस उर्फ विकास का प्रेम प्रसंग संभल के बरखेड़ा थाना हजरत नगर गढ़ी के रहने वाले जोधा सिंह की पुत्री से चल रहा था। दोनों ने घर से भाग कर 5 दिसंबर 2013 को शादी कर ली। इसके बाद वह हाईकोर्ट चले गए थे, जहां उनके विवाह को मान्यता दे दी गई थी, तब तक जोधा सिंह ने थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था। लड़की अपने पिता के घर बरखेड़ा चली गई थी। 7 मई 2014 को विकास अपनी पत्नी को बुलाने के लिए ससुराल गया था। किंतु लड़की पक्ष वाले विकास से दुश्मनी मानने लगे थे। इसी दुश्मनी के कारण लड़की के पिता जोधा सिंह, उसके रिश्तेदार गुलाब सिंह, शमशेर सिंह ने विकास को घेर कर मारपीट कर घायल कर दिया था। पुलिस ने जांच में जानलेवा हमले की धारा हटा दी थी। मामले की सुनवाई अपर जिला जज सप्तम ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में की गई। जहां बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठा व रंजिशन फंसाया गया है। घटना का कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं है।
वहीं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह कश्यप ने अदालत में दलील दी कि आरोपी विकास से प्रेम विवाह को लेकर रंजिश रखते थे और वह इस विवाह से नाखुश थे। इसी कारण से आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आरोपियों को घटना का दोषी करार देते हुए साढ़े तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।