ठाकुरद्वारा(मुरादाबाद) । डेंगू का प्रकोप धीरे-धीरे जानलेवा होता जा रहा है। आलम यह है कि शनिवार को ठाकुरद्वारा में दो अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की डेंगू की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। पहला मामला क्षेत्र के बंकावाला गांव का है जहां बीस साल की युवती की डेंगू बुखार से मौत हो गई। वहीं अमानताबाद में भी दो लोगों की डेंगू की चपेट में आकर जान चली गई। मौत से मृतकों के घर में कोहराम मच गया है। बंकावाला की गुलसाना की तबीयत तीन दिन पहले खराब हुई थी। उसके बाद गुलसाना को नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसको घर वापस भेज दिया गया। शनिवार की सुबह अचानक से गुलसाना की तबीयत फिर से खराब हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे फिर से सरकारी अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे काशीपुर के लिए रेफर कर दिया। पिता गुलहसन सहित अन्य लोग उसे काशीपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए लेकिन वहां उसकी प्लेटलेट्स लगातार गिरती रही। इसके बाद परिजन इलाज के लिए युवती को मुरादाबाद लेकर जा रहे थे इसी दौरान रास्तें में ही उसने दम तोड़ दिया।
साथ ही क्षेत्र के गांव अमानताबाद में डेंगू बुखार की चपेट में आकर 45 साल के रणवीर सिंह और 50 साल के महेंद्र सिंह की मौत हो गई। दोनों मृतक खेती किसानी करते थे। रणवीर को पिछले एक हफ्ते से बुखार आ रहा था। इलाज के लिए उनको धामपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। इजाल के दौरान ही रणवीर सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं महेंद्र सिंह भी एक सप्ताह पहले ही डेंगू की चपेट में आए थे।
बीस से पचीस अन्य लोग भी बुखार की चपेट में -
अमानताबाद में स्थिति काफी गंभीर है। डेंगू से दो लोगों की जान चली गई है। साथ ही बीस से पच्चीस लोग डेंगू की चपेट में हैं। डेंगू बुखार की जद में आने वालों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल है। प्राथमिक उपचार के बाद जहां कुछ पीड़ितो को आराम मिला है वहीं कई अन्य गंभीर रुप से भी बीमार हैं।
सरकारी अस्पताल के अधीक्षक पहुंचे गांव-
प्रशासन से निर्देश मिलने के बाद सरकारी अस्पताल ठाकुरद्वारा के अधीक्षक मोहम्मद असलम गांव पहुंचे और डेंगू बुखार से पीड़ित लोगों का हाल चाल जाना। इस दौरान अधीक्षक और उनके साथ मौजूद सहायकों ने डेंगू पीड़ितो के खून के नमूने लिए। बातचीत में उन्होंने बताया कि रविवार को कैंप लगाकर पीड़ितो का इलाज कराया जाएगा।