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Moradabad News: एससी-एसटी एक्ट में साढ़े तीन साल की सजा

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मुरादाबाद।
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एससी-एसटी एक्ट और मारपीट के मामले में अदालत ने मुलजिम को तीन साल छह माह की सजा सुनाई है। इसके अलावा उस पर आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मिलक नगलिया के रहने वाले बलवंत सिंह जाटव ने दो अगस्त 2008 को बिलारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि वह एक अगस्त की शाम नगलिया जट गांव में अपनी मजदूरी के रुपये लेने साइकिल से गया था। रास्ते में जलालपुर की तरफ कुछ लोग बैल लेकर जा रहे थे। बैलों ने मेरी साइकिल मे टक्कर मार दी थी। जिससे साइकिल टूट गई थी। बलवंत ने बैल स्वामी अशफाक निवासी नगलिया जट से शिकायत की।
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बैल मालिक ने उसके साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। यह सारी घटना गांव निवासी भीम सिंह और प्रभु सिंह के सामने हुई थी। इस मामले में पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में अशफाक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश संदीप गुप्ता की एससी-एसटी कोर्ट में की गई। विशेष लोक अभियोजक आनंद पाल सिंह ने बताया कि इस मामले में अदालत ने अशफाक को मारपीट जान से मारने की धमकी देने और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने पर दोषी पाया है। उसे तीन साल छह माह के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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