ठाकुरद्वारा। गोकशी के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है। जबकि पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित दो आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
कोतवाली के गांव शिव नगर पत्थर खेड़ा में 25 जुलाई को गन्ने के खेत में गोवंश का वध कर आरोपी उसके मीट को पिकअप में भरकर ले जा रहे थे। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने पिकअप को मीट सहित पकड़ लिया था। मौके से किशनपुर गांवड़ी निवासी अली हसन, उसके पुत्र कमरुद्दीन और पुत्री गुलशन को गिरफ्तार किया था जबकि पूर्व सभासद जरीफ मलिक सहित अन्य पांच आरोपी पिकअप से कूद कर भाग गए थे। इस मामले में पुलिस ने रानी नांगल पुलिस चौकी के इंचार्ज कुलदीप कुमार की तहरीर पर सभी आठ आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम 1955 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही थी। इस बीच फ़रार चल रहे थाना डिलारी के ढकिया पीरु निवासी मोहम्मद उमर, उसके भाई मोहम्मद सगीर और शकील ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है जबकि पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित दो आरोपी अभी भी फरार हैं। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जसपाल सिंह ने आरोपियों के कोर्ट में सरेंडर करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल होने के बाद गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी।