मुरादाबाद। जिले इस बार पंचायत चुनावों में नई ग्राम पंचायतों के गठन के आसार कम है। इसकी वजह यह है कि वर्ष 2021-22 में संपन्न हुए पंचायत चुनावों में जिले में 57 ग्राम पंचायतें बढ़ चुकी हैं। शासन के आदेश के बाद डीएम ने सभी बीडीओ व एसडीएम को आदेश जारी कर उनसे नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद या नगर निगम सीमाओं के विस्तार के चलते प्रभावित हुए गांवों की सूची मांगी है।
डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया कि शासन के निर्देश पर वर्ष 2026 में होने वाले पंचायत चुनावों की तैयारी शुरू कर दी गई है। आदेश के मुताबिक उन ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन किया जाएगा जो नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद या नगर निगम की सीमाओं के विस्तार के चलते प्रभावित हुई हैं। डीएम ने इसके आधार पर सभी बीडीओ व एसडीएम को पत्र लिख कर उनके क्षेत्र की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। पांच जून तक उसके आधार पर तैयार रिपोर्ट को शासन भेजा जाना है।
वर्ष 2015-16 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान जिले में कुल 586 ग्राम पंचायतें थीं। वर्ष 2021-22 में संपन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले हुए परिसीमन से जिले में 57 नई ग्राम पंचायतों का गठन हुआ था। जिसके बाद इनकी संख्या बढ़ कर 643 हो गई थी। हालांकि उस दौरान प्रशासन ने एक हजार से अधिक आबादी वाले सभी गांवों को नई ग्राम पंचायतों का दर्जा दे दिया था। जो कम आबादी की थीं उन्हें पड़ोस की ग्राम पंचायतों में सम्मलित कर दिया था। अभी भी एक हजार से अधिक की आबादी वाले राजस्व गांवों को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जा सकता है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि पांच साल पहले ही जिले में ग्राम पंचायतों की बढ़ी संख्या के कारण इसके आसार क्षीण नजर आ रहे हैं।
डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया कि शासन के आदेश का संज्ञान लेते हुए डीएम ने सभी एसडीओ और बीडीओ को आदेश जारी कर ऐसे गांवों की सूची मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद ही सही स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।
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