मुरादाबाद। कर वसूली में समधी का मकान सील करने के विरोध में अपर नगर आयुक्त को धमकाने के मामले में आरोपी सपा नेता यूसुफ मलिक के समधी और तीसरे भाई को भी पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया।
सिविल लाइंस थाने में सपा नेता यूसुफ मलिक के खिलाफ 26 मार्च 2022 को नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि मुरादाबाद में भवन कर वसूली अभियान के अंतर्गत बकायेदारों से निगम के अधिकारियों द्वारा जुर्माना वसूला जा रहा था। सपा नेता के समधी जमाल के मकान पर जुर्माना जमा न करने पर सील लगा दी थी। जिसके विरोध में सपा नेता यूसुफ मलिक अपने कुछ साथियों के साथ नगर निगम के पीलीकोठी स्थित दफ्तर में पहुंच गया था। उस समय वहां पर महिला अधिकारी मौजूद थीं। यूसुफ मलिक ने महिला अधिकारी के साथ अभद्रता की थी। बाद में आरोपी ने कॉल कर अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह को धमकी दी थी और अभद्रता की थी। पुलिस ने इस मामले में यूसुफ मलिक के साथ उनके भाई यूनुस मलिक, आरिफ और तारिफको आरोपी बनाया है, जबकि कटघर थाने में दर्ज दूसरे मुकदमे में सपा नेता के समधी जमाल, दामाद दनियाल और बेटी को आरोपी बनाया गया है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद यूसुफ मलिक पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। बाद में उसने रामपुर जिले के अजीम नगर थाने में दर्ज केस में रामपुर की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। वहीं सिविल लाइंस पुलिस सपा नेता के दो भाई यूनुस और आरिफ मलिक को, कटघर थाना पुलिस उसके दामाद दनियाल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तीसरे भाई तारिफ और समधी जमाल को भी पुलिस ने रविवार गिरफ्तार कर लिया।