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Moradabad News: मुरादाबाद के बाहर से गुजरेगी तीसरी और चौथी रेललाइन, सर्वे पूरा

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मुरादाबाद। मुरादाबाद से गाजियाबाद के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की परियोजना में शहर के मौजूदा स्टेशन को बाईपास कर नई रेल लाइन निकालने की तैयारी है। इसके लिए नए बाईपास खंडों पर छह नए स्टेशन बनाए जाने हैं। 141 किमी हिस्से में रेलवे ने फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा कर लिया है। इससे मुरादाबाद और गाजियाबाद के बीच दो नए स्टेशनों न्यू मुरादाबाद और न्यू हापुड़ के लिए जगह चिह्नित हो गई है।
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रेलवे की योजना में मुरादाबाद और हापुड़ के व्यस्त स्टेशनों को बाईपास करने का स्पष्ट प्रावधान है। इसी के तहत न्यू मुरादाबाद और न्यू हापुड़ क्षेत्र में नए स्टेशन विकसित किए जाने की योजना है। केंद्र सरकार ने गाजियाबाद-सीतापुर के बीच 403 किलोमीटर लंबी तीसरी-चौथी लाइन परियोजना को अप्रैल में मंजूरी दी थी। इस पर करीब 14,926 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना के तहत कुल 859 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जाएगा। इसमें गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जिले शामिल हैं।
मुरादाबाद के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मौजूदा लाइन पर ट्रेनों का दबाव काफी अधिक है। रेलवे के अनुसार गाजियाबाद-सीतापुर खंड की लाइन क्षमता का उपयोग अभी 168 प्रतिशत तक हो रहा है। परियोजना नहीं बनने पर यह दबाव 207 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। नई लाइन बनने से मौजूदा मुख्य मार्ग पर ट्रेनों को चलाने के लिए अतिरिक्त क्षमता मिलेगी।
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सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि मुरादाबाद-गाजियाबाद के बीच फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा हो गया है। न्यू मुरादाबाद और न्यू हापुड़ स्टेशन की जगह चिह्नित हो गई है।

सात व्यस्त स्टेशन होंगे बाईपास
रेलवे ने परियोजना की रूपरेखा में हापुड़, सिंभावली, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और सीतापुर के भीड़भाड़ वाले स्टेशनों को बाईपास करने की योजना बनाई है। इनके बाईपास खंडों पर छह नए स्टेशन प्रस्तावित हैं। यानी नई लाइन पर चलने वाली ट्रेनों के लिए अलग मार्ग तैयार होगा, जबकि मौजूदा स्टेशनों से यात्री ट्रेनों का संचालन जारी रखा जा सकेगा। मुरादाबाद में इसका असर मालगाड़ियों के संचालन पर भी पड़ेगा। रेलवे को इस परियोजना से सालाना 35.72 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की उम्मीद है। सड़क की तुलना में हर साल करीब 2,877 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक लागत बचाने का अनुमान है। इस परियोजना के लिए 2025 में गाजियाबाद-मुरादाबाद, मुरादाबाद-रोजा और रोजा-सीतापुर के करीब 402.78 किलोमीटर हिस्से को विशेष रेलवे परियोजना घोषित किया जा चुका है। इसके लिए नौ जिलों में 994.07 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया से संबंधित अधिसूचना जारी हुई है।
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