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Moradabad News: पुलिस का नहीं था कोई खौफ...तीन किमी पीछा कर घेरी थी राशिद की कार

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अमरोहा। न्यायिक कर्मचारी राशिद हुसैन को कार से बाहर खींचकर पीटकर मार देने वालों पर पुलिस का कोई खौफ नहीं था। यह बात मौका-ए-वारदात को बारीकी से देखने और घटना के चश्मदीद राशिद के भतीजे सलमान द्वारा बताई गई आपबीती से साबित हो रही है। गलत दिशा से निकाले जा रहे दोपहिया वाहन के कार से छू जाने भर पर आपा खोए लोगों ने शुरुआती कहासुनी के बाद तीन किलोमीटर तक कार का पीछा किया। फिर जबरन कार रुकवाकर राशिद को ड्राइविंग सीट से घसीटकर मौत के घाट उतार दिया।
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मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने उन दोनों स्थानों को गहराई से देखा जो इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े हैं। आसपास के उन लोगों से भी बात की जिनको वारदात की पूरी जानकारी है। इस पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि परिवार के साथ रिश्तेदारी में जा रहे राशिद की कार रविवार की दोपहर हुसैनपुर की पुलिया से गुजर रही थी। तभी गलत दिशा से निकाला जा रहा दोपहिया वाहन उनकी कार से छू गया। उस पर सवार लोग नीचे गिर गए। दोपहिया वाहन गलत दिशा से निकालने की कोशिश के बाद भी राशिद ने दूसरे पक्ष पर कोई नाराजगी नहीं जताई। उल्टे कार रोककर नीचे गिरे लोगों तक गए और उनका हाल जाना। जब दोपहिया सवार उनसे झगड़ने के साथ रिश्तेदारों को फोन करने लगे तो राशिद ने बिना उलझे पत्नी व छोटे बच्चे साथ होने के कारण कार से आगे का सफर शुरू कर दिया। वह जोया में संभल चौराहे से मुड़कर मुरादाबाद की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर पहुंचे ही थे कि पीछा करते कई दोपहिया वाहनों ने उनकी कार घेर ली। इसके बाद उन्हें बीवी-बच्चों के सामने पीट-पीटकर मार डाला।



हुसैनपुर की पुलिया से जोया में संभल चौराहे तक का वारदात स्थल लगभग तीन किलोमीटर दूर है। वाकये पर हैरत जताने वाला हर शख्स यही कह रहा है कि तीन किलोमीटर पीछा करके कार को घेरना और सरेआम धावा बोलना बता रहा है कि हमलावरों को पुलिस का कोई डर नहीं था। घटनास्थल जोया चौकी और डिडौली थाने के बीच होने के बाद भी हमलावर पूरे तेवर के साथ सुरक्षित लौट जाने में कामयाब रहे।
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फर्म के कैमरे की फुटेज बता रही... गलत नहीं थे राशिद



हुसैनपुर की पुलिया के पास स्थित एक फर्म के सीसीटीवी कैमरे में राशिद की कार और स्कूटी मामूली रूप से टकराने की घटना रिकॉर्ड हुई है। पुलिस ने इस फुटेज को कब्जे में ले लिया है। इस फुटेज में दिख रहा है कि दोपहर 2:15 बजे राशिद हुसैन की कार हुसैनपुर पुलिया पर थी। तभी पीछे से आया दोपहिया वाहन गलत साइड से आगे निकालने की कोशिश में कार से टच हुआ। अगर गलत दिशा से ओवरटेक न किया जाता तो न कार दोपहिया से छूती, न उसके सवारों के गिरने की नौबत आती। इसके बाद कार रोककर गिरे लोगों तक जाना भी राशिद का उनके प्रति सहयोगी रवैया दर्शा रहा है। जब दोपहिया सवारों के रंग-ढंग ठीक नहीं लगे तो वह कार समेत आगे बढ़े। फुटेज देखकर हर कोई कह रहा है कि पूरे घटनाक्रम में राशिद गलत नहीं थे।



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सड़क पर गिरे थे नफीस, उनके फोन पर बेटे शान ने बोला धावा



फर्म के कैमरे की फुटेज को पुलिस ने विवेचना का हिस्सा बना लिया है। कुछ लोगों के बयान भी लिए हैं। पुलिस के मुताबिक कार से छूते हुए दोपहिया से गिरने वाले हुसैनपुर के नफीस थे। उन्होंने अपने बड़े बेटे शान को फोन करके घटनाक्रम बताया। शान ने अपने तहेरे भाई कलीम को फोन किया। तब कलीम ने लोगों को बुलाकर बाइकों से पीछा किया और कार रुकवाकर राशिद पर टूट पड़े।



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तय स्थानों पर नहीं थी पुलिस



स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जगह राशिद हुसैन की पीटकर हत्या की गई वहां से करीब सौ मीटर दूर संभल चौराहा ओवरब्रिज के नीचे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। पुलिस की हाईवे पर भी अलग-अलग जगह चार गाड़ियां रहती हैं। रविवार को मुख्य सड़क पर दिनदहाड़े खुलेआम गुंडई का वाकया लगभग आधे घंटे चला लेकिन पुलिस तय स्थानों पर न होने से मौके तक नहीं पहुंच सकी। लोगों से सूचना मिलने पर करीब 10 मिनट में पुलिस पहुंच गई थी।
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