मुरादाबाद। कटघर थाना क्षेत्र में भदौड़ा रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों में बोरे में मिले युवक के शव का पुलिस ने रविवार को खुलासा किया। पुलिस ने मृतक के दो सगे भाइयों व एक बहनोई को गिरफ्तार कर चालान भेजा है। पुलिस का कहना है कि दोनों सगे भाइयों ने युवक की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि वह नशे में अक्सर परिवार के लोगों को परेशान करता था। उसने कई लोगों से कर्ज ले रखा था। कर्ज देने वाले तकादा करने के लिए घर आते थे। इसके चलते परिवार के लोगों को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती थी।
एसपी सिटी अमित आनंद ने पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को पुलिस को भड़ौदा रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों में बोरे में एक युवक का शव होने की सूचना मिली थी। युवक की गर्दन पर धारदार हथियार के निशान थे। प्रथम दृष्टया युवक की हत्या के बाद उसके शव को बोरे में बंद कर फेंकने की घटना प्रतीत हो रही थी। पुलिस ने युवक की शिनाख्त की कोशिश की थी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। वहीं, घटना के खुलासे के लिए लगाई गई एसओजी की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक की शिनाख्त धर्मेंद्र निवासी गांव पप थाना बिसौली जिला बदायूं हाल निवासी पुरानी आबादी जयंतीपुर थाना मझोला के रूप में की। इसके बाद पुरानी आबादी जयंतीपुर में रह रहे उसके परिवार के अन्य लोगों से जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसके सगे भाई मनोज व प्रेमपाल ने धर्मेंद्र की हत्या करने की घटना कबूल की। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि धर्मेंद्र नशे का आदी था और उसने कई लोगों से कर्ज भी ले रखा था। कर्ज देने वाले घर आकर अपनी उधार मांगते थे, जिससे परिवार को काफी शर्मिंदगी होती थी। युवक घर में भी पत्नी, मां और भाइयों से विवाद करता रहता था। पुलिस के मुताबिक इसी से तंग आकर मनोज व प्रेमपाल ने 18 जुलाई की रात धर्मेंद्र की हत्या कर दी और अपने बहनोई राजेंद्र को भी बुला लिया था। राजेंद्र व मनोज ने शव को बोरे में रख कर उसे रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ के बाद मनोज, प्रेमपाल और हत्या कर शव छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर चालान भेजा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त छुरी और बाइक भी बरामद करने का दावा किया है।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज बनी शिनाख्त में मददगार
एसपी सिटी अमित आनंद ने बताया कि जिस दिन युवक का शव बोरी में पुलिस को रेलवे लाइन के किनारे मिला था उस दिन युवक की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। शव दो-तीन दिन पुराना लग रहा था, लिहाजा पुलिस ने उस क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज तलाशनी शुरू की। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में 18 जुलाई की देर रात को दो लोग एक बाइक पर बोरी बीच में रखकर जाते दिखाई दिए। उसी बाइक को ट्रेस करते हुए एसओजी टीम जयंतीपुर तक पहुंच गई। उसके आसपास पता किया गया तो टीम को धर्मेंद्र नामक एक युवक के लापता होने की सूचना मिली। इसके बाद उसके परिवार वालों की तलाश कर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तब इस हत्याकांड का खुलासा हुआ।
दो आरोपी सब्जी बेचने का करते काम
पुलिस ने बताया कि तीनों हत्यारोपी मेहनत मजदूरी कर जीविका चलाते हैं। इसमें प्रेमपाल और उसका बहनोई राजेंद्र सब्जी का ठेला लगाता है जबकि मृतक का दूसरा भाई मनोज एक फैक्टरी में काम करता है।
इन सवालों का पुलिस ने दिया गोल-मोल जवाब
मुरादाबाद। धर्मेंद्र हत्याकांड के खुलासे में कई सवाल ऐसे हैं जिसका पुलिस सटीक जवाब नहीं दे सकी। इससे उसके खुलासे पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रेस कांफ्रेंस में धर्मेंद्र की हत्या के प्रमुख कारण नशे का आदी होना, कई लोगों से कर्ज लेना, कर्जदारों का घर आना और पारिवारिक कलह बताई गई है, लेकिन धर्मेंद्र ने किन-किन लोगों से और कितना कर्ज लिया था। पत्नी और परिवार वालों ने विवाद को लेकर क्या कभी कोई शिकायत पुलिस से की, इसका उत्तर पुलिस नहीं दे सकी। पुलिस का कहना है कि घटना के दिन धर्मेंद्र की पत्नी घर पर नहीं थी। झगड़ा होने के कारण दो दिन पहले ही वह मायके गई थी। पुलिस से जब पूछा गया कि क्या उसने मृतक की पत्नी से कोई पूछताछ की या फिर पत्नी को घटना की जानकारी दी तो पुलिस उत्तर गोलमोल रहा। प्रेस वार्ता में धर्मेंद्र के दोनों भाइयों द्वारा उसके सोते समय कंबल से मुंह दबाकर हत्या करने और बाद में उसके जीवित रहने की संभावना न रहने की आशंका में छुरी से गला रेतने की बात कही गई, लेकिन हत्या के लिए सबसे पहले प्रयोग किए गए कंबल को ही पुलिस ने बरामद नहीं दिखाया।