कांठ। तहसील मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर नियुक्त नहीं है, जिस कारण यहां से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों और एक्सीडेंट व अन्य हादसों में गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। वहीं अस्पताल की साफ-सफाई का जिम्मा भी मात्र एक कर्मचारी पर है।
कांठ तहसील क्षेत्र के अंतर्गत 201 गांव और कांठ व उमरी कलां दो नगर पंचायतें आती हैं। इस बड़ी आबादी क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य को दुरूस्त रखने के लिए तहसील मुख्यालय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है। इस केंद्र पर जहां अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनें नहीं हैं तो वहीं बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, हार्ट रोग विशेषज्ञ, शुगर रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ आदि डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं होने पर यहां से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों, एक्सीडेंट व अन्य हादसों में घायल होने वालों को जिला अस्पताल के लिए रेफर करना विवशता है। वहीं कोई भी सर्जन न होने से भी रोगियों को परेशानी होती है। वह बेहतर इलाज के लिए या तो जिला अस्पताल की दौड़ लगाते हैं या फिर निजी अस्पतालों का सहारा लेते हैं। जबकि एक महिला चिकित्सक सहित सीएचसी में सात डॉक्टर तैनात हैं और वह ओपीडी करते हैं। लेकिन अनेकों बार मांग के बाद भी सीएचसी में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर और सर्जन आदि की नियुक्ति नहीं हो पाई है। वहीं पूरे अस्पताल की साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी मात्र एक ही कर्मचारी पर है।
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विधायक भी कई बार उठा चुके हैं मुद्दा
कांठ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांठ में चिकित्सकों एवं पर्याप्त स्टाफ सहित समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विधायक कमाल अख्तर भी कई बार मुद्दा उठा चुके हैं। इसके अलावा कांठ के निवर्तमान भाजपा विधायक राजेश कुमार सिंह चुन्नू ने भी विधायक रहते हुए अनेकों बार सदन में मांग की थी। संवाद
कांठ से 35 किलोमीटर की दूरी पर है जिला अस्पताल
कांठ। सीएचसी कांठ में विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण यहां से गंभीर रोगियों और घायलों को 35 किलोमीटर दूर स्थित जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। दूरी अधिक होने और बीच में एक रेलवे क्रॉसिंग पड़ने के कारण रोगियों और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचने में देरी भी हो जाती है और समय पर इलाज नहीं मिल पाता। संवाद
..... कांठ सीएचसी में एक महिला विशेषज्ञ डॉक्टर थीं, जो स्वयं त्याग पत्र देकर चली गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति लखनऊ से ही होती है, जैसे ही किसी विशेषज्ञ की नियुक्ति होती है तो उसे पहले कांठ भेजा जाएगा। कांठ में एक्स-रे मशीन के लिए प्रस्ताव गया हुआ है। जल्द सीएचसी में मिनी ब्लड बैंक भी संचालित होने जा रहा है।
डॉ. कुलदीप सिंह सीएमओ, मुरादाबाद