मुरादाबाद। मोदी सरकार के बजट में आयकर सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बिना ऑडिट वाले व्यवसायों के लिए आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाई गई है। जीएसटी के स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
स्टेट टैक्स कार्यालय राम गंगा विहार के सभागार में दी टैक्स फेडरेशन की तरफ से बजट पर एक परिचर्चा आयोजित की गई। इस दौरान वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट हिमांशु मेहरा ने बताया कि कर योग्य आय सीमा में और वेतन के मामले में आयकर की छूट में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। बिना ऑडिट वाले व्यवसायों के लिए आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। नया आयकर अधिनियम एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
विदेशी पर्यटन पैकेज (शिक्षा के लिए) टीसीएस की दर को घटाकर दो प्रतिशत किया गया है। नई कर व्यवस्था में 60 से 80 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मूल छूट सीमा चार लाख बनी रहेगी। कर अधिवक्ता शिशिर गुप्ता ने बताया कि जीएसटी की दर या स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
निर्यातकों को रिफंड संबंधी सुधारों और मध्यस्थ आपूर्ति स्थान संबंधी नियम को हटाने से बड़ी राहत मिली है। मजबूत धन वापसी तंत्र और मुकदमेबाजी को कम करने के लिए मूल्यांकन नियमों को सरल किया गया है।
कर अधिवक्ता यश सिंघल ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक पारित प्रथम अपीलीय आदेशों के विरुद्ध जीएसटी ट्रिब्यूनल में एक अप्रैल से 30 जून तक आॅनलाईन अपीलें दायर हो सकेंगी।
सभा की अध्यक्षता फेडरेशन के चेयरमैन वरिष्ठ कर अधिवक्ता ज़िया ज़मीर ने की। इस दौरान मुरादाबाद टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकमल रस्तोगी, टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद मेहरोत्रा, चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग मेहरोत्रा, डिस्ट्रिक्ट इन्कम टैक्स बार एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष विकास गोयल, कौशल कुमार शर्मा, मोहित अग्रवाल आदि मौजूद थे।