उन्होंने दीपक का शव दिखाने से भी इंकार कर दिया और कहा कि पोस्टमार्टम होने के बाद ही उसका शव उन्हें सौंपा जाएगा। इसके बाद वे यहां लौट आए। थाने आए परिजनों ने पुलिस को बताया कि दीपक पूरी तरह स्वस्थ था और उसे कोई बीमारी नहीं थी। वहीं मौजूद उन्हीं के गांव अटारीमुरीदपुर निवासी दिलीप और सोमपाल ने बताया कि 18 फरवरी को वे दोनों जेल से छूट कर आए थे।
उनकी दीपक से मुलाकात भी हुई थी और दीपक पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रहा था. वही एसएसआई प्रमोद पाठक ने बताया कि दीपक नशे का आदी था। संभव है उसने 19 फरवरी को जेल में ही नशे की अधिक डोज ले ली होगी। इसी से उसकी हालत बिगड़ी होगी। उन्होंने इस संबंध में जेलर से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि दीपक को अचानक दौरे पड़े थे।
इसी के चलते हैं उसे जिला अस्पताल रेफर किया था. वहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। फिलहाल गजरौला पुलिस ने परिजनों को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने तक शांत रहने की बात कहकर वापस भेज दिया।
बता दें कि 11 फरवरी को गजरौला पुलिस ने चालक को बंधक बनाकर ई रिक्शा लूटने के मामले में दीपक समेत पांच लोगों का चालान किया था। कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया था।