इसे फरारी की साजिश का हिस्सा कहें या पुलिस की घोर लापरवाही। जिस पेशेवर अपराधी ने हत्या, लूट, डकैती जैसे जघन्य अपराध किए हो। उसे दो पुलिस कर्मियों के साथ रोडवेज की बस से पेशी पर भेज दिया गया, जबकि बस भी उसके गांव ही होकर गुजरी थी। ऐसे में फहीम इससे भी बड़ी साजिश रच सकता था।
कांठ के उमरी कलां गांव निवासी फहीम उर्फ एटीएम के खिलाफ अलग अलग जनपदों में 28 केस दर्ज हैं। इसमें हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, डकैती के दौरान हत्या समेत अन्य अपराध शामिल हैं। पुलिस के रिकार्ड में भी फहीम पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ गैंगस्टर में कार्रवाई हो चुकी है और हिस्ट्रीशीटर भी खुली है। बताया जा रहा है कि बिजनौर से मुरादाबाद आते वक्त दोनों जनपदों के बॉर्डर पर ही फहीम का गांव उमरी कलां है। इस गांव के चौराहे पर रोडवेज की बस का स्टॉपेज भी है। रोडवेज की बसें इस चौराहें पर रुकती हैं और सवारियों बैठती व उतारी हैं। बावजूद इसके बिजनौर पुलिस ने पेशेवर अपराधी फहीम को दो सिपाहियों के साथ पेशी पर भेज दिया था। सिपाही रोडवेज की बस से लेकर मुरादाबाद आए। अब अफसर इस मामले में तह तक जाने में जुटे हैं। फहीम की फरारी में कौन-कौन पुलिस कर्मी शामिल हैं।
पुलिस विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि फहीम एटीएम जैसे पेशेवर अपराधी को कोर्ट में पेशी पर लाने के लिए एक दरोगा और तीन सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाती है। जिसमें दो सिपाहियों के पास रायफल भी होनी चाहिए। पुलिस अपने वाहन से कोर्ट लेकर पहुंचती है और उसे सेशन हवालात में रखा हाता है। कोर्ट से आदेश आने पर ही उसे पेश किया जाता है। इसके अलावा संबंधित जनपदों को सूचना भेजी जाती है कि पेशेवर अपराधी को कोर्ट में लेकर जा रहे हैं। जिस जिस थानाक्षेत्र से बंदी का वाहन गुजरता है। उस क्षेत्र की पुलिस अलर्ट रहती है और अगले थाने को सूचना देती है। ऐसा ही वापस में भी किया जाता है।