मुरादाबाद। चार माह में मुरादाबाद समेत अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से लड़कियों को दरिंदे ले जाते रहे और जीआरपी को भनक तक नहीं लगी। बस्ती निवासी युवती को मुरादाबाद और बिहार निवासी किशोरी को दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक ही व्यक्ति सचिन झांसा देकर ले गया। 50 से ज्यादा कैमरों व पुलिस बल के बावजूद जीआरपी व आरपीएफ निगरानी में नाकाम रहीं।
दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने बयान दिया है कि कांशीरामनगर में कुछ और लड़कियां बंधक हैं। इन लड़कियों को रेलवे स्टेशनों व अलग-अलग स्थानों से लाया गया है। चाइल्ड लाइन के सूत्रों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर इनका गिरोह सक्रिय है। यदि लड़कियां न भागी होतीं तो उन्हें गलत धंधों में धकेलने वाले इन आरोपियों तक पुलिस अब भी नहीं पहुंच पाती। हर बार रेलवे स्टेशनों से लड़कियों को झांसा देकर ले जाने के लिए गिरोह ने एक ही तरीका अपनाया। उन्हें महिलाओं के साथ ही काम दिलाने और रहने के लिए ठिकाना देने का लालच दिया गया।
जीआरपी अनुभाग के सभी थानों व चौकियों में पुलिस टीम को अलर्ट किया गया है। कोई भी लड़की अकेली, डरी, सहमी दिखाई दे तो उसे फौरन थाने ले आएं और जरूरी पूछताछ कर परिवार के पास पहुंचाने में मदद करें।
- अनिल वर्मा, सीओ जीआरपी