मुरादाबाद। डेढ़ दशक पहले एमडीए की ओर से मऊ गांव के पास निर्मित काशीराम नगर आवासीय परियोजना का मुख्य मार्ग अब लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है। इस आवासीय कॉलोनी में आने जाने के लिए मुख्य रास्ता रेलवे की भूमि पर है। रेलवे ने अपनी भूमि को कब्जे में लेने का प्रयास शुरू किया तो रास्ता बंद होने की नौबत आ गई, जिससे यहां के वाशिंदों में खलबली मच गई है। एमडीए ने उसके पास ही दूसरा रास्ता बनाने के लिए करीब 25 घरों में लाल निशान लगा दिए हैं। भले ही उन्हें अभी कोई नोटिस नहीं दिया है लेकिन भवन तोड़े जाने के भय से लोग परेशान हैं।
लोगों की शिकायतें मिलने के बाद शुक्रवार को मऊ गांव पहुंचे आजाद समाज पार्टी के महानगर प्रभारी रविंद्र भाटिया ने बताया कि यह गांव आजादी से पहले से बसा है, यहां दलित समाज के कई लोगों को पट्टे दिए गए हैं। कई आवास प्रधानमंत्री आवास योजना के भी हैं। यह क्षेत्र महानगर का वार्ड पांच में है। उन्होंने बताया कि यहां के लोगों ने उन्हें प्रार्थना पत्र देकर मामले की जानकारी दी तो वह यहां पहुंचे। एमडीए ने जब कॉलोनी बसाई तो रेलवे की भूमि से ही रास्ता दे दिया, अब रेलवे ने अपनी भूमि को चिन्हांकित कर दीवार बनाना शुरू किया, तो यहां के लोगों ने विरोध कर कार्य रुकवा दिया है। दूसरी ओर एमडीए ने इसके पास ही दूसरा रास्ता बनाने के लिए अंदर जाकर भवनों पर लाल निशान लगा दिए, जिसमें करीब 25 मकानों के तोड़े जाने की आशंका उत्पन्न हो गई, इसमें चार प्रधानमंत्री आवास भी शामिल हैं, इन्हें तोड़ने नहीं दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने एमडीए की इस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी कर नाराजगी जाहिर की है। एमडीए के पीआरओ संजय कुमार सत्संगी ने बताया कि मऊ के लोगों के साथ रास्ते को लेकर एक इश्यू है, जिसका समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
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- यहां तो हमारे परिवार साै सालों से भी ज्यादा समय से रहते हैं, अब एमडीए वाले आते हैं, कहते हैं कि आप लोगों ने नजूल की भूमि में मकान बना लिया है, इन्हें तोड़ा जाएगा।
रेनू, मऊ
- जब एमडीए ने काशीराम योजना तैयार की तो मानचित्र में कहीं तो रास्ता दिया होगा, तो अब हमारे मकानों पर संकट क्यों हैं, हमारे परिवार अब कहां जाएंगे, इन्हें न तोड़ा जाए।
- भागवती, मऊ
- 2007 में एमडीए ने काशीराम नगर आवासीय योजना तो यही रास्ता दिया था, अब रेलवे ने इस भूमि को अपना बताकर दीवार उठाने का प्रयास किया। तब कॉलोनी को रास्ता देने के लिए एमडीए यहां गरीबों के मकानों को तोड़ने को तैयार है, ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
- निपेंद्र कुमार, मऊ
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- मेरे मकान के बीच में लाल निशान लगा दिया है, हालांकि अभी कोई नोटिस नहीं दिया है लेकिन एमडीए के अधिकारी मकान तोड़कर रास्ता बनाने को कह रहे हैं, यहां के लोगों की बात नहीं सुन रहे हैं।
- रामवीर सिंह, मऊ
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