कांठ। 23 दिन में तीन बच्चों सहित चार लोगों पर तेंदुओं द्वारा हमला कर उन्हें गंभीर घायल किए जाने के बाद से कांठ और छजलैट क्षेत्र के लोगों में तेंदुओं का खौफ लगातार बरकरार है। जहां किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं तो वहीं प्रभावित हो रहे कृषि कार्य को लेकर भी चिंतित हैं। कांठ के दरियापुर, मिश्रीपुर और महदूद कलमी में लगे पिंजरों को तेंदुओं का इंतजार है।
23 मार्च की सुबह कांठ तहसील क्षेत्र के गांव फत्तेहपुर विश्नोई के रहने वाले बाइक सवार किसान विजेंद्र सिंह पर रास्ते में ही अपने-अपने शावक के साथ छिपे बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके बाद 30 मार्च की देर शाम तेंदुआ कांठ के गांव महदूद कलमी निवासी अकरम के घर में घुस गया था और उसने यहां आंगन में खेल रही उनकी दो साल की मासूम बेटी सिदरा पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया था। इसके अगले दिन ही यानी 31 मार्च की देर शाम भी तेंदुआ कांठ के गांव मिश्रीपुर निवासी अवनेश कुमार के घर में घुस गया था और यहां चारपाई पर लेटी आठ साल दीपांशी को हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। 11 अप्रैल को कांठ के ही गांव दरियापुर में तीन साल के मासूम पर हर्ष पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। जिसका अभी भी मेरठ के मेडिकल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। तेंदुओं के द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों से किसानों और ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। जबकि वन विभाग की टीम ने गांव दरियापुर में दो, मिश्रीपुर और महदूद कलमी में एक-एक पिंजरा लगाया हुआ है, लेकिन यह पिंजरे खाली रखे हुए हैं, तेंदुआ इनमें फंस नहीं रहा है।