मुरादाबाद। उद्यान विभाग और उप्र. राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हॉफेड) की ओर से शुक्रवार को स्थानीय सर्किट हाउस में आयोजित आलू क्रेता विक्रेता सम्मेलन में अफसरों द्वारा जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाने का मुद्दा उठा। अध्यक्षता कर रहे उद्यान एवं कृषि विदेश व्यापार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने क्षमा याचना की। फिर अफसरों को सख्त चेतावनी दी कि एक सप्ताह में विभागीय अधिकारी जनप्रतिनिधियों के घर जाकर उनके नंबर अपने फोन में सेव करें, अन्यथा कार्रवाई होगी। वहीं अफसरों को सम्मान देने की बात कहते हुए भावुक भी हो गए।
आलू क्रेता और विक्रेता की समस्याओं व उनके निदान पर मंथन के दौरान ही जब जनप्रतिनिधियों को समय मिला तो सबसे पहले विधान परिषद सदस्य डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने कहा- अफसर फोन नहीं उठाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के संपर्क में रहने की सलाह दी। कहा कि कई अधिकारियों को आज पहली बार देख रहे हैं। उन्होंने अमरोहा मंडी में आग लगने के बाद वहां मरम्मत कराए जाने का प्रस्ताव रखा।
इस पर राज्यमंत्री ने अपने छह अगस्त 2025 के पत्र को पढ़ा, जिसमें जनप्रतिनिधियों से समन्वय रखने, उनकी अनुशंसा पर सड़क आदि के प्रस्ताव भेजने को लिखा था। विधायक रामवीर सिंह ने भी मूढ़ापांडे में 50 एकड़ के आलू फार्म का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि आलू फार्म पर लगाए गए यूकेलिप्टस के पेड़ों को बेच दिया गया है। अधिकारियों से जवाब मिला कि उसे 1.50 करोड़ रुपए में नीलाम किया गया था।
शहर विधायक रितेश गुप्ता ने भी मुरादाबाद की सब्जी एवं फल मंडी में दुकानों के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने के लिए मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए मांग की कि यहां 250 दुकानें लंबे समय पहले बनाई गई थी, जो अब जर्जर हो गई हैं, उनकी मरम्मत कराया जाना आवश्यक है। बैठक में एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, भाजपा जिलाध्यक्ष आकाश पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डा. शैफाली सिंह, हॉफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. सर्वेश कुमार के साथ साथ मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ व बरेली मंडल के मंडलीय व जिलास्तरीय उद्यान अधिकारी शामिल हो रहे।
मंत्री की हिदायत
मंत्री ने अफसरों को एक सप्ताह में जनप्रतिनिधियों के घर जाकर उनके नंबर सेव करने, उनकी अनुशंसा वाले कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। दोबारा ऐसी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही कहा कि शायद यह बैठक मुरादाबाद में उनके कार्यकाल की आखिरी बैठक हो, लेकिन उन्होंने उद्यान विभाग के एक परिवार की तरह संभाला है कुछ को डांटा तो सम्मान भी दिया, एक अधिकारी के बारे में बताते हुए वह भावुक हो गए।