मूंढापांडे। जिस दो साल के वरुण की मौत बीमारी से होना बताई जा रही थी, वह हत्या निकली। हत्या भी किसी और ने नहीं, उसकी मां मीनू ने की। पुलिस पूछताछ में मीनू ने बताया कि उसके कहीं आने-जाने में वरुण बाधक बनता था। साथ चलने की जिद करता था। इसलिए गुस्से में आकर गला घोंट दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए मीनू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसके प्रेमी की भी सीडीआर जांच रही है।
मूंढापांडे थाना क्षेत्र के सहरिया गांव निवासी ट्रक चालक सुरेंद्र की शादी 13 साल पहले हरिद्वार निवासी मीनू से हुई थी। दंपती के दो बेटियां सलोनी, रोहिणी और दो बेटे अरुण-वरुण हैं। वर्तमान में सुरेंद्र मुंबई में ट्रक चलाता है। सुरेंद्र के बड़े भाई विजेंद्र ने बताया कि मीनू करीब ढाई माह पहले अपने चारों बच्चों को लेकर सहरिया से मूंढापांडे आ गई थी। वह किराये के कमरे में रह रही थी। करीब 15 दिन पहले उसने कमरा बदल लिया।
ताऊ विजेंद्र का कहना है कि उनको बृहस्पतिवार की शाम वरुण की मौत की जानकारी मिली। विजेंद्र और उनकी मां शिवदेई मूंढापांडे अस्पताल पहुंचे तो देखा कि बच्चे के गले पर निशान हैं। पोस्टमार्टम से पता चला कि बच्चे की गला दबाकर हत्या की गई है। पुलिस ने मां मीनू के खिलाफ खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। ताऊ ने आरोप लगाया कि मीनू ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की है।
वहीं मीनू का कहना था कि बच्चे को खून की उल्टियां हो रही थीं। इससे उसकी मौत हो गई। उसका यह भी कहना है कि पति शराब पीकर आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। हरकतों से तंग आकर वह किराये का कमरा लेकर रहने लगी। आजीविका के लिए वह एक फैक्टरी में काम करती है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि मीनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बेटे वरुण को बृहस्पतिवार की सुबह ही नारे से गला कसकर मार डाला था।
उसने बताया कि वरुण उसके कहीं आने-जाने में बाधक बनता था। साथ चलने की जिद करता था। इसी कारण गुस्से में आकर ऐसा कदम उठा लिया। पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस मीनू के प्रेमी (लाइनमैन) की सीडीआर खंगाल रही है। आशंका है कि मीनू ने अपने प्रेमी की सहमति पर बेटे की हत्या की है। विवेचना के बाद प्रेमी भी अभियुक्त बनाया जाएगा।