मुरादाबाद। शहर में सक्रिय इस हनी ट्रैप गिरोह ने अपनी रणनीति में बदलाव शुरू कर दिया था। गिरोह अब तक मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों को अपना शिकार बनाता आ रहा था लेकिन अब उनके निशाने पर शहर के व्यापारी और कारोबारियों के बेटे आ गए थे। गिरोह का उद्देश्य था कि इन रईसजादों को फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूली जाएगी।
गिरोह के सदस्य पहले छोटे स्तर पर लोगों को निशाना बनाते थे। कारखानों और फर्मों में काम करने वाले लोग उनके आसान शिकार बनते थे। किसी से दस हजार, किसी से बीस हजार तो किसी से पचास हजार रुपये की ठगी की जा चुकी थी। इन्हें फंसाने के बाद गिरोह के सदस्यों ने बड़े सपने देखने शुरू कर दिए थे। वह अब रईसजादों को अपने जाल में फंसाना चाहते थे। इस नई योजना के तहत गिरोह के सदस्य सुलेमान और उसके अन्य साथी सक्रिय हो गए थे। उन्होंने शहर के व्यापारी और कारोबारियों के बेटों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। विशेष रूप से उनके मोबाइल नंबरों को एकत्र किया जा रहा था। यह जानकारी गिरोह की महिला सदस्यों, शगुफ्ता और रिहाना को दी जाती। यह नंबर गिरोह की दो महिला शगुफ्ता और रिहाना को सौंपे जाते। इन महिलाओं का काम इन रईसजादों से संपर्क स्थापित करना और उन्हें अपने प्रेम जाल में फंसाना था। इसके बाद गिरोह उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर देता। वह धमकी देकर या बदनामी का डर दिखाकर उससे पैसे ऐंठने की योजना बना चुके थे। लेकिन उससे पहले गिरोह का पर्दाफाश हो गया।
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जिले में एक साल में पकड़े गए हनी ट्रैप में फंसाने वाले छह गिरोह
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। जिले में पिछले एक साल में लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर वसूली करने वाले अलग अलग छह गिरोह पकड़े जा चुके हैं। इन गिरोह के 30 से ज्यादा सदस्य पुलिस जेल भेज चुकी है। यह गिरोह करोड़ों रुपये की वसूली कर चुके हैं। युवा से लेकर बुजुर्ग और व्यापारी से लेकर कारोबारी और सरकारी कर्मचारी और अधिकारी भी इनके जाल में फंसकर अपनी कमाई इन पर जुटा चुके हैं लेकिन वीडियो वायरल होने और बदनामी के डर में यह तमाम लोग न तो पुलिस के पास पहुंचते हैं और न ही अपनों से बताते हैं बस चुपके से इन्हें रकम दे देते हैं।
पिछले साल 24 जुलाई को सिविल लाइंस पुलिस ने हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा किया था। दो महिलाओं ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर 72 वर्षीय सेवानिवृत्त सहकारिता सचिव को फ्लैट में बुलाकर हनी ट्रैप में फंसाकर उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम न देने पर उन्हें वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। इस दौरान पीड़ित से आरोपियों ने 50 हजार रुपये लिए थे।। इसके बाद उन्हें अगवा कर लिया और उनकी ही गाड़ी में ही बंधक बना लिया था। इसके बाद आरोपी उन्हें ठाकुरद्वारा लेकर जा रहे थे कि पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी महिला महक, रानी, इनके साथी राहुल शर्मा और राधेश्याम को गिरफ्तार किया था। दो आरोपी मौके से भाग गए थे।
सिविल लाइंस पुलिस ने एक मार्च को तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने भी कई लोगों को फंसाकर रकम वसूली थी। कटघर थाने की पुलिस भी दो गिरोह पकड़ चुकी है। एक गिरोह में तो सिपाही भी शामिल मिला था। मझोला थाने की पुलिस ने भी इसी साल गिरोह को पकड़ा था।