मुरादाबाद। एक वर्ष से अधिक समय में ई-सिटी बसों के लिए चार्जिंग डिपो तैयार न कर पाने के मामले में शासन ने विभागीय अधिकारियों की फटकार लगाई है। इस सख्ती के बाद चार्जिंग की व्यवस्था के बिना ही रविवार को दो ई-सिटी बसें शहर में चलाई गईं। ये बसें पहले से 80 से 90 फीसदी तक चार्ज थीं। शहर में दो फेरे लगाने के बाद इन बसों को वापस खड़ा कर दिया गया। वहीं, रविवार को देर रात तक लाकड़ी फाजलपुर स्थित चार्जिंग डिपो पर विद्युतीकरण कार्य चला।
चार जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से शहर में ई-सिटी बसों को हरी झंडी दिखाई थी। इसके तकरीबन एक वर्ष पहले से शहर में चार्जिंग डिपो के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। लापरवाही के चलते वहां कई काम अधूरे रह गए गए। इनमें चार्जिंग प्वाइंटों का सक्रिय न होना मुख्य है। यह कार्य विद्युत निगम की सुस्ती के कारण रुका रहा। इसके चलते लोकार्पण के 12 दिन बाद भी शहरवासियों को प्रदूषण मुक्त सफर का लाभ नहीं मिल सका। प्रशासनिक दबाव के बाद विद्युत निगम की टीम रविवार को चार्जिंग डिपो पर विद्युतीकरण पूरा करने के लिए पहुंची।
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार गोगानिया ने दावा किया है कि विद्युतीकरण रविवार को पूरा हो गया है। अब उनकी ओर से कोई कार्य शेष नहीं हैं। अब निजी कंपनी द्वारा डिपो के मेंटिनेंस का काम एक दो दिन में पूरा हो जाएगा। हालांकि परिवहन निगम के अधिकारी सोमवार से ई-सिटी बसों को नियमित चलाने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल निजी कंपनी की ओर से परिचालकों की व्यवस्था भी नहीं हो सकी है। निगम ने अपनी ओर से परिचालक लगाकर संचालन करने का दावा किया है। रविवार को दो ई-सिटी बसें रामपुर दोराहा से भटावली और पाकबड़ा तक चलाई गईं।
28 सीटर बस में छह यात्रियों ने ही किया सफर
मुरादाबाद। रविवार के कारण पहले फेरे के लिए ई-सिटी बसों को यात्री नहीं मिल सके। पहले फेरे में 28 सीटर बस में केवल छह यात्री ही सवार हुए। डिपो इंचार्ज लोकेश शर्मा का कहना था कि पूरे रूट पर यात्रियों की संख्या बेहद कम रही। इस कारण बसों ने केवल दो फेरे लगाए। चार्जिंग की समुचित व्यवस्था के बाद सोमवार को बसों को नियमित चलाया जाएगा।
शहर में प्रदूषण और डग्गामारी की स्थिति को देखते हुए इलेक्ट्रिक बसें बेहद सराहनीय कदम है लेकिन, ये बसें रविवार को पहली बार शहर की सड़कों पर नजर आई हैं। महिलाओं को सफर में सुरक्षा के लिहाज से भी इन बसों का नियमित संचालन जल्द से जल्द होना चाहिए।
- श्रद्धा शर्मा
ऑटो के किराये में वातानुकूलित बस में सफर करना वास्तव में अच्छा अनुभव है लेकिन उसके लिए बसों को नियमित चलाया जाना जरूरी है। मैं अक्सर हनुमान मूर्ति से पाकबड़ा तक ऑटो में सफर करता हूं। इलेक्ट्रिक बसों के चलने से मेरे जैसे कई लोगों को सहूलियत होगी।
- दुर्गेश प्रजापति
परिवहन विभाग की ओर से ई-सिटी बसों के लिए अस्थायी पंजीकरण संख्या जारी कर दी गई है। विद्युतीकरण कार्य भी पूरा कर लिया गया है। स्टाफ से उम्मीद है कि अब कोई तकनीकी खामी नहीं होगी। सोमवार से ई-सिटी बसों को नियमित चलाने की तैयारी है।
- शिव बालक, एआरएम पीतल नगरी डिपो