संभल जिले के गांव धतरा में तेंदुए की मौत मामले में बृहस्पतिवार पूरे दिन अपनों को बचाने का खेल चला। डीएफओ ने तेंदुए की मौत का राज छिपाते हुए एक पत्र मुरादाबाद के सीवीओ को लिख कर उसके उपचार की व्यवस्था करने को कहा। जब डाक्टरों ने बताया कि वह तो मरा हुआ आया है तो आनन-फानन उसका पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों की टीम से करा दिया गया। जाल में फंसे तेंदुए के ऊपर चारपाई रख कर 40 मिनट तक वर्दीधारियों ने उसे कुचला, इसके बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर खरोंच तक न आने की बात भी किसी के गले नहीं उतर रही है।
दम घुटने, सदमे से हुई तेंदुए की मौत
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कंसल ने बताया कि तीन पशु चिकित्सकों की टीम से तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें उसके सभी अंग सुरक्षित पाए गए। मृत तेंदुआ नर था और उसकी उम्र करीब चार साल थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण सदमा और दम घुटना पाया गया है। उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे।
बेदम हुए तेंदुए को रेस्क्यू दिखाकर भेजा मुरादाबाद
डीएफओ संभल ने तेंदुए को मुरादाबाद रेस्क्यू सेंटर डियर पार्क के लिए रवाना कर दिया। डीएफओ संभल ने सीवीओ मुरादाबाद से पहले फोन पर वार्ता की और एक पत्र लिखा कि रेस्क्यू में पकड़े गए तेंदुए को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया है। जिसके आधार पर सीवीओ मुरादाबाद ने दो डाॅक्टरों की टीम गठित कर मौके पर भेज दी। जब तेंदुआ पहुंचा तो वह मृत था। डाक्टरों से इसकी जानकारी मिलने पर सीवीओ डॉ. अनिल कंसल ने डीएफओ को बताया तो उन्होंने उसका पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया। सीवीओ ने बताया कि इसके बाद उन्होंने तीन डाक्टरों का पैनल गठित कर तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम डियर पार्क में कराने के बाद उसके शव को संभल के वनकर्मियों को सौैंप दिया।
इन पशु चिकित्सकों ने किया पोस्टमार्टम
सीवीओ ने तेंदुए के पोस्टमार्टम के लिए बिलारी के उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनमोहन पांडेय, दलपतपुर की पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुमन व सुरजन नगर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मेंद्र ने पोस्टमार्टम किया।
मेनका बोलीं-वन विभाग ने नहीं निभाई जिम्मेदारी, जिम्मेदार जाने चाहिए जेल
मुरादाबाद। संभल के ग्रामीण के घर में घुसे तेंदुए की मौत मामले को लेकर वन्यजीव प्रेमी मेनका गांधी गंभीर हो गई हैं। उन्होंने तेंदुए की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि जिम्मेदारों को जेल जाना चाहिए।
अमर उजाला से फोन पर मेनका गांधी ने कहा कि तेंदुए के संरक्षण को लेकर विभागीय अधिकारी लापरवाह होते जा रहे हैं, जिसकी वजह से तेंदुए की संख्या भी लगातार घट रही है। संभल में तेंदुए की मौत मामले में प्रथम दृष्ट्या सिद्ध है कि वन विभाग के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक से नहीं किया। अगर वन विभाग के अधिकारी जिम्मेदारी से काम लेते तो उसे जिंदा बचाया जा सकता था। मेनका गांधी ने कहा कि जो भी तेंदुए की मौत के लिए जिम्मेदार हैं उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ जेल भेजा जाना चाहिए।
- संभल में तेंदुए की मौत की जानकारी मिली है। उसका पोस्टमार्टम हुआ है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। पोस्टमार्टम संभल के डीएफओ की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसका परीक्षण किया जाएगा। उसके आधार पर ही आगे कोई कार्रवाई की जाएगी। -रमेश चंद्र, वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय निदेशक मुरादाबाद मंडल
- संभल में तेंदुए की मौत मामले को वन संरक्षक अपने स्तर से दिखवा रहे हैं। इस संबंध में अभी विभागीय अधिकारियों ने कोई रिपोर्ट नहीं भेजी है। वन संरक्षक की रिपोर्ट आने के बाद उसका परीक्षण किया जाएगा। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।-आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त